Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
कलेसर क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात, आम के बाग में घुसकर पेड़ों को पहुंचाया भारी नुकसान हरियाणा के सरकारी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन अनिवार्य हुआ राज्य-गीत, शिक्षा निदेशालय ने जारी किए ... 'टीबी मुक्त भारत ऐप' पंजीकरण में हरियाणा ने देश में हासिल किया दूसरा स्थान, मुख्य सचिव की बैठक में ख... रोहतक पुलिस का बड़ा अभियान, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 60 चालान और 246 लोग डिटेन अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन जशपुर व अग्रवाल महिला मंडल पत्थलगांव के संयुक्त तत्वाधान में वृक्षारोपण ... सोनीपत की रेलवे हाईराइज सोसायटी में दुखद घटना, 7वीं मंजिल से कूदकर 25 वर्षीय युवती ने की खुदकुशी अंबाला में मंत्री अनिल विज के आवास का घेराव करने पहुंचे सैकड़ों रोडवेज कर्मचारी, खुद ज्ञापन लेने बीच... मोहन लाल कौशिक बने 'हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज' (HBPE) के नए चेयरमैन, वित्त विभाग ने जारी... Haryana Valuers Conduct Code: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला! जमीनों के मूल्यांकनकर्ताओं के लिए नई आचार... Fatehpur Road Accident News: सीएम योगी की VIP ड्यूटी पर जा रहे हेड कांस्टेबल की भीषण हादसे में मौत, ...

Haryana Valuers Conduct Code: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला! जमीनों के मूल्यांकनकर्ताओं के लिए नई आचार संहिता लागू, गड़बड़ी पर ₹1 लाख जुर्माना

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सरकारी जमीन और दूसरी सरकारी संपत्तियों का मूल्य तय करने वाले पैनलबद्ध मूल्यांकनकर्ताओं (Valuers) के लिए नई आचार संहिता लागू कर दी है। इसका उद्देश्य जमीन का सही, निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन सुनिश्चित करना है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या पक्षपात की गुंजाइश न रहे। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि यदि कोई मूल्यांकनकर्ता नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे पैनल से हटाया जा सकता है। इसके अलावा उसकी फीस जब्त की जा सकती है और उस पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

📜 काम शुरू करने से पहले देना होगा ‘कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट’ का घोषणा पत्र, कानूनों का पालन अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत हर मूल्यांकनकर्ता को काम शुरू करने से पहले यह लिखित रूप से बताना होगा कि उसका उस जमीन या संबंधित व्यक्ति से किसी तरह का हितों का टकराव (Conflict of Interest) नहीं है। साथ ही उसे जमीन के मूल्यांकन से जुड़े सभी केंद्रीय और राज्य सरकार के कानूनों और नियमों का पालन करना होगा।

⚠️ गलत रिपोर्ट और भ्रामक बिल लगाने पर होगी कड़ी कार्रवाई, सेबी-आरबीआई से ब्लैकलिस्ट होने पर स्वतः रद्द होगा पैनल

सरकार ने यह भी साफ किया है कि जानबूझकर जमीन का कम या ज्यादा मूल्य बताना, गलत या भ्रामक रिपोर्ट तैयार करना, फर्जी बिल लगाना, समय पर रिपोर्ट जमा न करना या सरकारी अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी मूल्यांकनकर्ता का पंजीकरण सेबी (SEBI), आरबीआई (RBI), आयकर विभाग, एसबीआई या किसी अन्य संबंधित नियामक संस्था द्वारा रद्द या निलंबित कर दिया जाता है, तो उसे स्वतः ही सरकारी पैनल से भी हटा दिया जाएगा।

🏛️ शिकायतों की जांच के लिए बनी पारदर्शी व्यवस्था, जानें कौन होते हैं पैनलबद्ध मूल्यांकनकर्ता

सरकार ने शिकायतों की जांच के लिए भी व्यवस्था बनाई है। शिकायत मिलने पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस नई नीति से जमीन और सरकारी संपत्तियों के मूल्यांकन में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों का भरोसा मजबूत होगा।

बता दें कि पैनलबद्ध मूल्यांकनकर्ता वे विशेषज्ञ होते हैं जिन्हें सरकार या कोई सरकारी संस्था अधिकृत करती है। इनका मुख्य काम किसी जमीन, भवन या दूसरी संपत्ति की वास्तविक बाजार कीमत (Market Value) का सटीक आकलन करना होता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.