सोनीपत के गढ़ी बिलंदा में दर्दनाक हादसा, स्कूल का पिलर गिरने से छात्र की मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त
सोनीपत (हरियाणा): हरियाणा के सोनीपत जिले अंतर्गत गढ़ी बिलंदा गांव में सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार (एंट्रेंस आर्च) का पिलर गिरने से हुई छठी कक्षा के छात्र यश कुमार की दुखद मृत्यु के प्रकरण में हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) ने स्वतः संज्ञान (Suo Motu Cognizance) लिया है।
मानवाधिकार आयोग ने इस दुखद दुर्घटना पर अत्यधिक कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित प्रशासनिक एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा समीक्षा करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
📰 प्रमुख समाचार पत्रों की रिपोर्ट पर आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान, 6ठीं कक्षा का छात्र था मृतक यश
हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने प्रमुख हिंदी एवं अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित खोजी रिपोर्टों के आधार पर इस मामले पर स्वतः कार्रवाई की है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, मृतक छात्र यश कुमार (ग्राम गढ़ी बिलंदा निवासी) समीपस्थ गांव बेगा स्थित राजकीय विद्यालय में कक्षा 6 का विद्यार्थी था। घटना के समय वह गढ़ी बिलंदा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के समीप उपस्थित था।
🌿 वॉचमैन द्वारा घास खींचते ही भरभराकर गिरा ईंटों का आर्च, मलबे में दबकर मासूम ने तोड़ा दम
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय के चौकीदार (वॉचमैन) ने मुख्य प्रवेश द्वार की मेहराब (आर्च) पर उगी जंगली घास एवं लताओं को हटाने के उद्देश्य से उन्हें नीचे की ओर खींचा।
घास खींचते ही मुख्य द्वार एवं पिलर से जुड़ी ईंटों की भारी संरचना अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी। मासूम यश इस भारी मलबे के नीचे गंभीर रूप से दब गया और उसे अत्यंत गंभीर चोटें आईं। उसे तत्काल गन्नौर के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के उपरांत भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज (खानपुर कलां) रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान मासूम ने अंतिम सांस ली।
🏫 पीड़ित पिता ने स्कूल प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप, खंड शिक्षा अधिकारी ने शुरू की जांच
इस हृदयविदारक घटना के उपरांत मृतक बच्चे के पिता सुभाष ने विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए लापरवाही के कड़े आरोप लगाए हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) अपनी विशेष टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और विद्यालय परिसर व क्षतिग्रस्त गेट का गहन निरीक्षण किया। शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय टीम इस बात की जांच कर रही है कि गेट की स्थिति जर्जर होने के बावजूद इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया।
🚓 गन्नौर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच की शुरू, विभागीय कार्रवाई का इंतजार
उधर, गन्नौर थाना पुलिस ने मृतक छात्र के पार्थिव शरीर को कब्जे में लेकर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
पुलिस प्रशासन हादसे के सटीक कारणों और उन परिस्थितियों की गहनता से जांच कर रहा है जिनके चलते मुख्य द्वार का भारी पिलर अचानक ढह गया। अब देखना यह होगा कि मानवाधिकार आयोग के कड़े रुख के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध क्या दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाता है।


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