Import Duty on Edible Oil: भारत में घट सकती है खाद्य तेलों पर आयात शुल्क, बढ़ती महंगाई से मिलेगी राहत
भारत में लगातार बढ़ रही खाने-पीने की चीजों की कीमतों के बीच आम लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार देश में वेजिटेबल ऑयल (खाद्य तेल) पर आयात शुल्क यानी इंपोर्ट ड्यूटी घटाने पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिससे त्योहारों के इस दौर में बढ़ती तेल की कीमतों को काबू में किया जा सके.
🚢 2. दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य तेल आयातक देश है भारत, मलेशिया-इंडोनेशिया और अर्जेंटीना से होती है मुख्य सप्लाई
भारत दुनिया का ऐसा सबसे बड़ा देश है जो अपनी जरूरत का सबसे अधिक खाद्य तेल विदेशों से खरीदता है. देश अपनी कुल खपत का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात करता है, जिसमें मुख्य रूप से पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल और सनफ्लावर ऑयल शामिल हैं, जो मलेशिया, इंडोनेशिया, अर्जेंटीना, रूस और यूक्रेन जैसे देशों से मंगाए जाते हैं.
💰 3. पिछले एक साल में करीब 20 प्रतिशत तक महंगे हुए हैं खाद्य तेल, त्योहारी मांग को देखते हुए सरकार का मंथन
देश में पिछले एक साल के दौरान वेजिटेबल ऑयल की कीमतों में लगभग 20% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सितंबर से नवंबर के बीच आने वाले त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों और तली हुई चीजों की मांग और बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए सरकार कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी में 5% तक की कटौती का विकल्प तलाश रही है.
🌾 4. किसानों के हितों का भी रखा जा रहा है पूरा ध्यान, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर भी पड़ सकता है असर
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देना तो है ही, साथ ही घरेलू किसानों के हितों का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है ताकि सोयाबीन की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे न जाएं. हालांकि, उद्योग अधिकारियों का मानना है कि केवल ड्यूटी घटाना ही काफी नहीं होगा, क्योंकि मांग बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पाम और सोयाबीन तेल के दाम प्रभावित हो सकते हैं.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.