Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
CG Infrastructure News: छत्तीसगढ़ में हर साल बनेगा वार्षिक एक्शन प्लान; लोक निर्माण विभाग बना नोडल ए... Chhattisgarh News: मानव-हाथी द्वंद्व पर हाईकोर्ट में सुनवाई; फसल नुकसान का वास्तविक मुआवजा और मौत पर... Pakur Local News: अब शादी-त्योहारों में नहीं जाना पड़ेगा शहर; पाकुड़ के गांवों में ही मिलेगी ब्राइडल... HEC Bypass Encroachment Case: मानसून और त्योहारों के चलते 31 दिसंबर तक मिली राहत; खुद हटाना होगा अति... SKMU Dumka Hunger Strike: दुमका में ABVP छात्रों की भूख हड़ताल का चौथा दिन; लगातार गिर रहा BP और ग्ल... Ranchi Crime News: पुलिस सुरक्षा को ठेंगा! रांची के सबसे व्यस्त अपर बाजार में 20 लाख से अधिक की चोरी... Hemant Soren Mother Hospitalized: सीएम की मां रूपी सोरेन अस्पताल में भर्ती; डॉक्टर बोले— सेहत स्थिर,... Ranchi News: DSPMU के तीसरे दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज; यूजी-पीजी के 6 हजार से अधिक छात्रों को... BJP MLA Slogan Viral: 'नरेंद्र मोदी अमर रहे' का नारा लगाकर घिरे सिंगरौली के भाजपा विधायक; जानें क्या... UPI Transaction Fee Rules: UPI से भुगतान पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क? व्यापारियों ने जताया विरोध, वित्त ...

US Fed Rate Hike and Crypto Market: ब्याज दरों में बढ़ोतरी से क्यों घबराते हैं क्रिप्टो निवेशक, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

अमेरिका के केंद्रीय बैंक अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है, जिसके बाद से दुनिया भर के निवेशकों की निगाहें बिटकॉइन और अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी पर टिक गई हैं. हर किसी के मन में यह सवाल है कि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने से क्रिप्टो की कीमतों पर आखिर क्या असर पड़ता है और क्या आने वाले समय में बिटकॉइन के दाम और अधिक बढ़ सकते हैं या इसमें गिरावट आएगी.

💸 2. ब्याज दरों और क्रिप्टोकरेंसी का कनेक्शन: सुरक्षित निवेश और जोखिम भरे एसेट्स के बीच का पूरा गणित

भले ही ब्याज दरों का क्रिप्टोकरेंसी से कोई प्रत्यक्ष (direct) संबंध न हो, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव बाजार पर साफ दिखाई देता है. जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो निवेशक अधिक रिटर्न की तलाश में शेयर और क्रिप्टो जैसे जोखिम भरे विकल्पों का रुख करते हैं. इसके विपरीत, जब फेड ब्याज दरें बढ़ाता है, तो सरकारी बॉन्ड जैसे सुरक्षित निवेश विकल्प ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं, जिससे निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित जगहों पर लगाने लगते हैं और क्रिप्टो पर दबाव बढ़ जाता है.

📉 3. अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF से भारी निकासी और बिटकॉइन की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर

फेड के फैसले से पहले ही बिटकॉइन की कीमत में गिरावट दर्ज की गई थी और यह 82,163 डॉलर से फिसलकर करीब 75,743 डॉलर के आसपास आ गया था. इसके अलावा, अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF से भी 15 और 16 सितंबर के बीच दो दिनों में कुल करीब 746.3 मिलियन डॉलर की बड़ी निकासी देखने को मिली है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ ब्याज दरों या दो दिन के आंकड़ों से यह तय करना मुश्किल है कि बाजार लंबी अवधि में किस दिशा में जाएगा, क्योंकि इस पर महंगाई और वैश्विक बाजार का भी असर पड़ता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.