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Cockroach Janta Party Leaders Arrest: कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं की रिहाई में देरी पर विवाद, मजिस्ट्रेट को धमकी मिलने पर एफआईआर दर्ज

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की रिहाई की याचिका की सुनवाई में देरी को लेकर चल रहे विवाद ने रविवार को एक नया मोड़ ले लिया है. दिल्ली पुलिस ने जमानत कार्यवाही के दौरान एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) को धमकाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है, हालांकि फिलहाल मामले में धमकी देने वाले लोगों की पहचान सामने नहीं आई है. खास बात यह है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब CJP ने आशुतोष रांका और सौरव दास दोनों नेताओं की रिहाई में भारी देरी का आरोप लगाया था और यह भी कहा था कि उनके जमानत से जुड़े चार जमानतदारों को ‘अस्पष्ट कारणों’ से खारिज कर दिया गया है.

⚖️ ‘सत्ता का सरासर दुरुपयोग’: CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने उठाए गंभीर सवाल

CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर बताया कि वह दोपहर 12 बजे होने वाली सुनवाई के लिए सुबह 11 बजे से ही पुलिस स्टेशन में मौजूद थीं, लेकिन शाम 4.42 बजे तक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, जो स्पेशल एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के तौर पर भी कार्य करते हैं, वहां नहीं पहुंचे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि यह SEM कोर्ट द्वारा सत्ता का सरासर दुरुपयोग था. रत्ना सिंह ने बताया कि वकील सुबह से मौजूद थे और सुनवाई में बार-बार देरी की गई. सुनवाई के दौरान SEM ने कथित तौर पर उपस्थित लोगों को बताया कि उन्हें एक धमकी भरा संदेश मिला है, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया. रत्ना सिंह ने सवाल उठाया कि अगर किसी ने मजिस्ट्रेट को धमकी दी है, तो उस व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन आशुतोष और सौरभ की रिहाई को इस मामले से क्यों जोड़ा जा रहा है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी वकील पिछले चार दिनों से कार्यवाही से नदारद थे और केवल पांचवें दिन उपस्थित हुए.

⛓️ जंतर-मंतर पर प्रवेश के बाद न्यायिक हिरासत में हैं दास और रांका, तिहाड़ जेल में है ठिकाना

सौरभ दास और आशुतोष रांका को 14 अक्टूबर को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. दरअसल, दोनों नेता जंतर-मंतर के बंद गेट को पार कर वहां पहुंच गए थे, जबकि उस क्षेत्र को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया था. पुलिस के मुताबिक, दास और रांका ने शांति बनाए रखने के बांड का उल्लंघन किया और प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया, जिसके चलते दोनों फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं. पार्टी का आरोप है कि इस प्रकार की प्रशासनिक देरी और कानूनी पेच-दिल्लियों का इस्तेमाल उसके नेताओं की हिरासत को अनावश्यक रूप से लंबा खींचने के लिए किया जा रहा है.

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