तमिलनाडु की टीवीके सरकार ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है. मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के पक्ष में 144 विधायकों ने मतदान किया. 22 विधायकों ने विरोध में वोट किया जबकि वोटिंग के दौरान पांच विधायक एब्सेंट रहे. कांग्रेस, वाम दलों और AIADMK के बागी गुटों ने थलपति का समर्थन किया. विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट देने वालों में AIADMK के बागी सदस्य भी शामिल थे. वहीं, डीएमके ने विश्वासमत का बहिष्कार किया और चर्चा के दौरान सदन से वॉकआउट कर दिया.
📊 चुनाव परिणाम: 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी TVK
बता दें कि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग हुई थी और 4 मई को नतीजे आए थे. जब नतीजे घोषित हुए तो विजय की पार्टी प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. विजय की पार्टी TVK को 234 में से 108 सीटों पर जीत मिली. विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 का है. विजय को बहुमत के लिए 10 विधायक कम पड़ रहे थे, जिसे कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, VCK और IUML के समर्थन ने पूरा किया. इसके बाद विजय ने 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.
🏛️ सरकार बनाने के लिए विजय ने राज्यपाल से की 4 बार मुलाकात
सीएम बनने के लिए विजय को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ा था. सरकार बनाने को लेकर विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल से करीब चार दफे मुलाकात की. शपथ ग्रहण से एक दिन पहले 9 मई को विजय ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की और उन्हें 121 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे. इसके बाद राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने का न्योता दिया और आज सदन में उन्होंने अपना बहुमत सफलतापूर्वक साबित कर दिया.
🤝 गठबंधन का गणित: इन दलों ने किया थलपति विजय का समर्थन
सरकार बनाने और फ्लोर टेस्ट पास करने में TVK (107 प्रभावी) को निम्नलिखित दलों का साथ मिला:
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कांग्रेस: 05
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CPI: 02
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CPM: 02
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VCK: 02
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IUML: 02 इसके अलावा AIADMK के बागी गुट ने भी TVK का समर्थन किया. विपक्षी दलों में DMK को 59 और AIADMK (मुख्य) को 47 सीटें मिली थीं.
🛡️ AIADMK के बागी गुट का बिना शर्त समर्थन
विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से ही AIADMK दो गुटों में बंटती नजर आ रही थी. विश्वास मत साबित करने से एक दिन पहले ही एक गुट ने TVK को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था. बागी गुट के नेता एस पी वेलुमणि ने कहा कि हम मंत्रालय में किसी पद की मांग नहीं कर रहे हैं. वेलुमणि ने स्पष्ट किया कि जनता के बहुमत ने विजय को मुख्यमंत्री चुना है, इसलिए उनका गुट विकास और स्थिरता के लिए थलपति विजय के साथ खड़ा है.
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