Ranchi Sadar Hospital: रांची सदर अस्पताल को मिला राष्ट्रीय “MusQan” सर्टिफिकेशन, 96.61% स्कोर के साथ झारखंड में रचा इतिहास
झारखंड ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है. राजधानी के रांची सदर अस्पताल को केंद्र सरकार की ओर से प्रतिष्ठित “MusQan” सर्टिफिकेशन से नवाजा गया है. राष्ट्रीय मूल्यांकन में 96.61 प्रतिशत का रिकॉर्ड तोड़ अंक हासिल करके यह राज्य का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल बन गया है जिसे राष्ट्रीय स्तर का यह सम्मान मिला है. यह ऐतिहासिक उपलब्धि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अंतर्गत संचालित ‘मुस्कान’ कार्यक्रम के कड़े आकलन में हासिल की गई, जिसमें अस्पताल के विभिन्न चाइल्ड केयर विभागों का प्रदर्शन बेहद उत्कृष्ट पाया गया.
📊 विभागों का शानदार प्रदर्शन: SNCU को मिले रिकॉर्ड 98 प्रतिशत अंक
अस्पताल के भीतर बच्चों के इलाज के बुनियादी ढांचे की जांच के दौरान विभिन्न विभागों को बेहतरीन रैंकिंग मिली. इसमें नवजात शिशुओं की देखभाल करने वाले स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. इसके अलावा, सामान्य बच्चों के पीडियाट्रिक वार्ड ने 97.96 प्रतिशत और बच्चों की ओपीडी (पीडियाट्रिक ओपीडी) ने 93.84 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी स्वास्थ्य गुणवत्ता का लोहा मनवाया.
👶 क्या है केंद्र सरकार का यह “MusQan” कार्यक्रम?
MusQan कार्यक्रम भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल है. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जन्म से लेकर 12 वर्ष तक के बच्चों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित, आधुनिक और बच्चों के अनुकूल (Child Friendly) स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि नवजात और बाल मृत्यु दर में कमी लाई जा सके.
⏱️ दो दिनों तक चला था कड़ा राष्ट्रीय आकलन, हर मानक पर खरा उतरा अस्पताल
रांची सदर अस्पताल में बीते 29 और 30 अप्रैल 2026 को नेशनल मूल्यांकनकर्ता टीम (National Assessors) के द्वारा MusQan कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय स्तर पर गहन मूल्यांकन किया गया था. दो दिनों तक चली इस जांच के दौरान अस्पताल की नैदानिक सेवाओं, मरीजों व बच्चों के अधिकारों, अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण (Infection Control), क्लिनिकल प्रोटोकॉल, गुणवत्ता प्रबंधन और सबसे महत्वपूर्ण बच्चों के लिए बनाए गए रंग-बिरंगे ‘चाइल्ड फ्रेंडली’ वातावरण जैसे सभी कड़े मानकों की बारीकी से जांच की गई थी.
🤝 कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास और टीम वर्क का नतीजा: उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश कुमार सिंह ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अस्पताल के हर छोटे-बड़े स्टाफ के समर्पण, बेहतरीन टीम वर्क और स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव व एनएचएम (NHM) के अभियान निदेशक के कुशल मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि यह बड़ी सफलता मिली है. उन्होंने इसका श्रेय अपने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और अन्य सहयोगी कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास को दिया. उन्होंने कहा कि 96.61 प्रतिशत स्कोर के साथ मुस्कान प्रमाणन प्राप्त करना पूरे झारखंड के लिए गर्व की बात है और अब हमारा लक्ष्य इस बेहतरीन गुणवत्ता को लगातार बनाए रखना है.
🏥 रांची की तर्ज पर विकसित होंगे झारखंड के अन्य सभी सदर अस्पताल: NHM निदेशक
रांची सदर अस्पताल की इस बड़ी कामयाबी पर पूरे राज्य को बधाई देते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के झारखंड अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि यह स्वास्थ्य विभाग के लिए गौरव का क्षण है. उन्होंने जानकारी दी कि 2 जून को ही एक उच्च स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के सदर अस्पताल जैसी ही वर्ल्ड क्लास सुविधाएं राज्य के सभी जिला अस्पतालों में जल्द से जल्द बहाल करने के कड़े निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री के आदेशानुसार अब विभाग की पूरी कोशिश है कि रांची सदर अस्पताल के मॉडल को पूरे राज्य में लागू किया जाए ताकि सुदूर जिलों के गरीब मरीजों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें.
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