फरीदाबाद: शहर में कचरा प्रबंधन को सुधारने और प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए फरीदाबाद नगर निगम अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। निगम ने सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने, अवैध डंपिंग और कचरा जलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया है। नियमों का उल्लंघन करने पर अब 50 हजार रुपये तक का भारी जुर्माना वसूला जा सकता है।
🕵️ निगरानी के लिए 25 विशेष टीमें गठित
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त परमजीत चहल ने जानकारी दी कि शहर भर में निगरानी के लिए 25 विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में सफाई निरीक्षक और सहायक सफाई निरीक्षक शामिल हैं, जो शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध डंपिंग पर नजर रखेंगे। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं ताकि नागरिकों को नियमों के प्रति जागरूक किया जा सके।
🏭 3 बड़े सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की योजना
निगम ने शहर के कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए तीन बड़े प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने का खाका तैयार किया है:
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मुजेड़ी: 150 टन प्रतिदिन क्षमता का प्लांट।
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प्रतापगढ़: 600 टन प्रतिदिन क्षमता का प्लांट।
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सोतई: 600 टन प्रतिदिन क्षमता का प्लांट। इन प्लांटों के चालू होने के बाद शहर का अधिकांश कचरा स्थानीय स्तर पर ही प्रोसेस हो सकेगा।
♻️ कचरा बनेगा संसाधन: जैविक खाद और रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल
नई व्यवस्था के तहत कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर दिया जाएगा। गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जाएगी, जबकि सूखे और ज्वलनशील कचरे से ‘रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल’ (RDF) बनाया जाएगा। प्लास्टिक, धातु और कागज को अलग कर पुनर्चक्रण (Recycling) के लिए भेजा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में जीपीएस और आरएफआईडी जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा ताकि कचरा प्रबंधन प्रणाली पारदर्शी और प्रभावी बनी रहे।
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