Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पास हुआ 'एंटी पेपर लीक बिल', राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून जोशीमठ के किमाणा गांव में भू-धंसाव से हड़कंप! चंडिका माता मंदिर क्षतिग्रस्त, प्राथमिक विद्यालय और पं... दिल्ली सरकार की बड़ी पहल: 'विद्या वाहिनी' योजना के तहत 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगी मुफ्त साइकिल! CM ... 'Idiots' और 'Andhbhakts' टिप्पणी पर घिरे राहुल गांधी: अनुराग ठाकुर ने विशेषाधिकार समिति को मामला भेज... हरियाणा मतदाता सूची पुनरीक्षण: 26.29 लाख वोटरों के रिकॉर्ड में मिलीं गड़बड़ियां, 33 लाख नाम ड्राफ्ट ... समालखा नगर परिषद में सियासी ड्रामे का पटाक्षेप! मनीषा कुहाड़ निर्विरोध बनीं वाइस चेयरपर्सन हरियाणा में JBT शिक्षकों की TGT पदोन्नति प्रक्रिया तेज! 13 अगस्त तक मांगे आवेदन, DEEO पर गाज की तैया... ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 'गोल्डन बॉय' नीरज चोपड़ा का धमाकेदार प्रदर्शन, जैवलिन थ्रो के फाइनल मे... पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धारा 24(2) का सहारा लेकर नहीं खोले जा सकते दशकों पुराने भू... राज्यसभा में उठी गुरुग्राम में हाईकोर्ट सर्किट बेंच की मांग! सांसद संजय भाटिया ने 'टॉवर ऑफ जस्टिस' क...

Bikram Majithia vs Sanjay Singh: सुप्रीम कोर्ट से मजीठिया को झटका; मानहानि मामले में अतिरिक्त गवाह बुलाने की याचिका खारिज

नई दिल्ली: शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के खिलाफ दायर मानहानि के मामले में अतिरिक्त गवाहों को बुलाने और अतिरिक्त साक्ष्य पेश करने की मजीठिया की याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि निचली अदालत और हाई कोर्ट ने इस मामले पर पहले ही उचित विचार किया है।

📜 क्या थी मजीठिया की दलील?

सुनवाई के दौरान मजीठिया के वकील ने तर्क दिया कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते समय स्वतंत्र तर्कों का अभाव रखा था। साथ ही, उन्होंने CrPC की धारा 311 की व्याख्या पर सवाल उठाए और संजय सिंह के बाद के बयानों को भी रिकॉर्ड में शामिल करने की मांग की थी। हालांकि, संजय सिंह के वकील ने स्पष्ट किया कि आवश्यक सामग्री पहले से ही अदालत के रिकॉर्ड का हिस्सा है।

🗳️ 2016 का मानहानि मामला और राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह कानूनी विवाद साल 2016 का है। पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मोगा में एक रैली के दौरान संजय सिंह ने अकाली दल के नेताओं पर नशा तस्करी से जुड़े होने का सनसनीखेज आरोप लगाया था। इस बयान के बाद बिक्रम मजीठिया ने संजय सिंह के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था। तब से लेकर आज तक पंजाब की राजनीति में ‘नशा’ एक बड़ा मुद्दा रहा है और यह केस उसी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की एक लंबी कड़ी का हिस्सा है।

🔍 आगे की राह

हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद मजीठिया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अब शीर्ष अदालत ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद अब ट्रायल कोर्ट में मामले की कार्यवाही पर सबकी निगाहें टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कानूनी लड़ाई का असर भविष्य की पंजाब राजनीति पर भी पड़ता रहेगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.