Shala Praveshotsav 2026: गुजरात में शिक्षा का महाकुंभ; सीएम भूपेंद्र पटेल ने किया ‘निपुण गुजरात’ कार्यक्रम का शुभारंभ
गांधीनगर: गुजरात में शिक्षा के समग्र विकास और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “शाला प्रवेशोत्सव-2026” और “कन्या केलवानी महोत्सव-2026” का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के अनुरूप ‘राज्य पाठ्यक्रम ढांचा (SCF)’ और ‘विद्यालय गुणवत्ता मूल्यांकन ढांचा (SCAAF)’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही, प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए तीन वर्षीय “निपुण गुजरात कार्यक्रम” की भी नींव रखी गई है।
📊 23 वर्षों का सफर: एक सफल शैक्षिक क्रांति
मुख्यमंत्री ने स्मरण किया कि 2003 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान की शुरुआत की थी, तब स्कूल छोड़ने की दर 37 फीसदी थी। आज सामूहिक प्रयासों के फलस्वरूप, गुजरात में शिक्षा न केवल सरकार का विषय है, बल्कि एक सामाजिक संकल्प बन गई है। 23 वर्षों में जनता और संस्थाओं द्वारा विद्यालयों को 326 करोड़ रुपये का योगदान प्राप्त हुआ है, जो शिक्षा के प्रति समाज की भागीदारी को दर्शाता है।
🚀 आधुनिक तकनीक और नई शिक्षा संरचना
गुजरात ने NEP-2020 के तहत 5+3+3+4 शैक्षणिक संरचना और बालवाटिका को लागू कर दिया है। राज्य की शैक्षिक निगरानी व्यवस्था अब भारत की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) संचालित व्यवस्था बन गई है:
-
विद्या समीक्षा केंद्र: पूरी शिक्षा प्रणाली की रियल-टाइम मॉनिटरिंग।
-
AI अर्ली वॉर्निंग सिस्टम: ड्रॉपआउट होने की संभावना वाले बच्चों की पहले ही पहचान और मार्गदर्शन।
-
डिजिटल एकीकरण: जन्म पंजीकरण और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से हर बच्चे की सतत निगरानी।
💰 छात्रों के लिए कल्याणकारी योजनाएं
मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने के लिए गुजरात सरकार ने कई स्कॉलरशिप योजनाएं शुरू की हैं:
-
नमो लक्ष्मी योजना: कक्षा 9 से 12 तक की बेटियों को 50,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता।
-
विज्ञान साधना योजना: कक्षा 11-12 के विज्ञान संकाय के छात्रों को 25,000 रुपये तक की सहायता।
-
मुख्यमंत्री ज्ञान साधना और ज्ञान सेतु: संसाधनों की कमी वाले मेधावी छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्तियाँ।
💡 शिक्षकों और अभिभावकों से अपील
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे सामुदायिक दृष्टिकोण अपनाएं और बच्चों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और सकारात्मक दैनिक आदतें विकसित करने के लिए अभिभावकों के साथ मिलकर काम करें। राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि न केवल 100% नामांकन हो, बल्कि हर छात्र अपेक्षित शिक्षण परिणामों के साथ अपनी शिक्षा पूर्ण करे।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.