Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Dhamtari Crime News: नगरी में मछली कारोबारी की चाकुओं से गोदकर हत्या; साथी की आंखों में मिर्च डालकर ... Sahakarita Saptah Rajnandgaon: राजनांदगांव में सहकारिता सप्ताह की तैयारी; 20 हजार नए सदस्य बनाने का ... Congress Attack on BJP: बिलासपुर अस्पताल के पूर्ण संचालन की मांग; कांग्रेस ने कहा- उद्घाटन काफी नहीं... बेमेतरा: लगातार बारिश के कारण ढही मकान की कच्ची दीवार, मलबे में दबने से 2 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौ... Paper Leak Protest MCB: NSUI का 'छात्रों की गूंज' अभियान; पेपर लीक पर केंद्र सरकार को घेरा, इस्तीफे ... Chhattisgarh UCC Update: मन की बात के मंच से सीएम विष्णुदेव साय का बड़ा सियासी संकेत, छत्तीसगढ़ में UC... जांजगीर-चांपा: मॉर्निंग वॉक पर निकले 3 बुजुर्गों को अज्ञात वाहन ने रौंदा, मौके पर हुई दर्दनाक मौत Dinanagar Shocking Case: घर में अकेला पाकर मासूम को बनाया शिकार; पुलिस ने आरोपी बुजुर्ग के खिलाफ की ... Faridkot Crime & Safety: खराब ट्रक ने ली 3 युवाओं की जान; बिना इंडिकेटर और रिफ्लेक्टर के खड़ा था वाहन Phagwara Crime: फगवाड़ा माल गोदाम रोड पर बदमाशों का तांडव; सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, पुलिस जांच म...

Latehar News: लातेहार के उदयपुरा गांव की महिलाओं ने छेड़ी नशे के खिलाफ जंग; शराबियों को मिल रहा अनोखा दंड

लातेहार: ‘नशा नाश का कारण है’—इस बात को लातेहार सदर प्रखंड के उदयपुरा गांव की महिलाओं ने चरितार्थ कर दिखाया है। 1000 की आबादी वाले इस आदिवासी बहुल आदर्श गांव का माहौल अवैध शराब बिक्री के कारण खराब हो रहा था, जिससे तंग आकर महिलाओं ने अब मोर्चा संभाल लिया है। पिछले 5 दिनों से महिलाएं खुद सड़कों पर उतरकर गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए अभियान चला रही हैं।

🚧 निगरानी और दंड का अनोखा नियम

महिलाओं ने समूह बनाकर दोपहर 2:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक गांव के हर चौक-चौराहे और टोले की निगरानी शुरू की है। अभियान के तहत नियम बनाया गया है कि यदि कोई भी अवैध शराब बेचते या पीते पकड़ा जाता है, तो उसे 500 रुपये का जुर्माना देना होगा या फिर उठक-बैठक करनी होगी। सुनीता देवी, सविता देवी और श्वेता बाड़ा जैसी जागरूक महिलाओं ने बताया कि यह कदम उनकी सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अत्यंत आवश्यक था।

📈 5 दिन में दिखने लगा सकारात्मक बदलाव

इस अभियान का असर मात्र 5 दिनों में ही गांव की गलियों में दिखने लगा है। छात्रा श्वेता बाड़ा के अनुसार, पहले सड़क किनारे शराबियों की भीड़ के कारण महिलाओं और लड़कियों का घर से निकलना दूभर हो गया था, लेकिन अब यह भीड़ नदारद है। बाहर से आने वाले शराबियों की संख्या भी अब शून्य के करीब हो गई है। गांव में सुरक्षा का अहसास फिर से लौटने लगा है।

🤝 पंचायत का मिला साथ

महिलाओं की इस साहसी पहल की सराहना पंचायत की मुखिया सुनीता देवी ने भी की है। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने समाज के सामने एक मिसाल कायम की है। नशा परिवार और समाज को खोखला करता है, और इस संकल्प को पूरा करने में वे हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उदयपुरा की महिलाओं का यह प्रयास न केवल उनके गांव के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.