नई दिल्ली: दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में 650 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि यह घोटाला पूरी तरह से सोची-समझी सरकारी योजना का हिस्सा है।
📋 खरीद प्रक्रिया में बदलाव और सवालों के घेरे में DGHS
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जुलाई 2025 में सरकार ने आदेश जारी कर अस्पतालों की स्वयं खरीद करने की शक्ति छीन ली और सारी जिम्मेदारी CPA को दे दी। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधते हुए कहा कि अगस्त 2025 में डॉ. वत्सला अग्रवाल को DGHS बनाया गया, जबकि उनके खिलाफ पहले से विजिलेंस जांच चल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर एक ‘दागी’ अधिकारी को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी।
💰 ORS और चादर खरीद में धांधली के गंभीर आरोप
AAP नेता ने खरीद के आंकड़ों पर हैरान करने वाले खुलासे किए:
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ORS घोटाला: 15 रुपये वाला ORS पैकेट 205 रुपये की दर से खरीदा गया, यानी प्रति पैकेट 190 रुपये का कमीशन।
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चादरों की खरीद: दिल्ली सरकार के अस्पतालों में 15,659 बेड की क्षमता है, जबकि 16,66,666 चादरें खरीदी गईं। 150 रुपये वाली चादर को 450 रुपये (तीन गुना दाम) में खरीदा गया, जिससे कुल 75 करोड़ रुपये का चूना लगा।
⚖️ ‘अकेली अधिकारी नहीं, पूरी सरकार शामिल’
सौरभ भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि इतने बड़े पैमाने का घोटाला कोई एक अधिकारी (डॉ. वत्सला अग्रवाल) अकेले नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से पहले भी इन अधिकारियों की शिकायत की गई थी, लेकिन सरकार ने उन पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पदोन्नति दी। AAP का दावा है कि इस पूरे भ्रष्टाचार में सरकार का शीर्ष नेतृत्व सीधे तौर पर शामिल है।
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