नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दोपहर करीब 3:17 बजे दिल्ली में बिजली की पीक डिमांड 8748 मेगावाट (MW) दर्ज की गई, जो दिल्ली के इतिहास में सबसे बड़ा आंकड़ा है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के बावजूद ‘फील’ (महसूस) 50 डिग्री सेल्सियस जैसा हो रहा था, जिससे बिजली की खपत में भारी उछाल आया है।
📈 बिजली डिमांड के टूटे पुराने रिकॉर्ड
दिल्ली ने इससे पहले 19 जून, 2024 को 8656 मेगावाट की अधिकतम मांग दर्ज की थी, जिसे आज सफलतापूर्वक पीछे छोड़ दिया गया है। इस वर्ष 25 मई को भी डिमांड 8439 मेगावाट तक पहुँची थी, लेकिन आज के आंकड़ों ने उन सभी रिकॉर्ड्स को लगभग 100 मेगावाट से पीछे छोड़ दिया है।
🛠️ बिना रुकावट बिजली: ‘पावर मास्टर प्लान’ की बड़ी कामयाबी
दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आज की असली जीत सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि पूरा शहर बिना किसी रुकावट के चलता रहा, यह है। दिल्ली का पावर नेटवर्क बिना किसी बड़े ब्रेकडाउन या इंफ्रास्ट्रक्चर फेलियर के इस रिकॉर्ड डिमांड पर डटा रहा। यह सफलता सरकार के बेहतरीन ‘पावर मास्टर प्लान’ और ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन ग्रिड के आधुनिकीकरण में किए गए निवेश का नतीजा है।
✅ निरंतरता और सुशासन का उदाहरण
दिल्ली SLDC (स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर) के अनुसार, बिजली की इतनी भारी डिमांड के बावजूद दिल्ली के नागरिकों को 24×7 निर्बाध बिजली मिलती रही। यह एक्टिव और प्रभावी गवर्नेंस का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ शहर की बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए तकनीकी मजबूती सुनिश्चित की गई है। आने वाले समय में जैसे-जैसे गर्मी का असर रहेगा, डिमांड के और बढ़ने की पूरी संभावना है।
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