Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Rewari Rail Accident: चलती ट्रेन से अलग हुआ इंजन, श्रीगंगानगर पैसेंजर के साथ हुआ बड़ा हादसा टला Ambala News: बोरवेल में गिरने से 4 साल के बच्चे की मौत, सिविल अस्पताल में होगा पोस्टमार्टम Chandigarh Bomb Threat: स्कूलों और CMO को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप Kaithal News: मतदाता सूची सत्यापन में लापरवाही पड़ी भारी, 4 BLO के खिलाफ FIR के निर्देश India-Japan Collaboration: फरीदाबाद की YMCA यूनिवर्सिटी और जापान का फुकुओका करेंगे सहयोग, 50,000 पेश... Ambala News: धनयोड़ा गांव में खुले बोरवेल ने ली बच्चे की जान, खेत मालिक और ठेकेदारों पर FIR दर्ज Kala Jathedi Parole: नवजात बेटियों से मिलने अस्पताल पहुंचा गैंगस्टर काला जठेड़ी, कोर्ट ने दी 4 घंटे ... CBI Action: हरियाणा कैडर के IPS दीपक गहलावत गिरफ्तार, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्... Haryana Health Projects: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी सौगात, 337 करोड़ की... Haryana Govt News: हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड की 10 सेवाएं अब समयबद्ध, जानें क्या हैं नई समय-सीमाएं

Jabalpur News: बिल पास करने के बदले रिश्वत ले रहे दो इंजीनियर EOW के हत्थे चढ़े, रंगे हाथों गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के जबलपुर में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने सोमवार को रिश्वतखोरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। EOW की टीम ने एक विद्युत वितरण कंपनी के एडिशनल चीफ इंजीनियर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

💸 बिल पास करने के नाम पर मांगी गई घूस

बिजली ठेकेदार अशोक कुमार द्विवेदी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने कटनी की बहुरि बांध में विद्युत वितरण कंपनी के सबस्टेशन में करीब 10 लाख रुपये का निर्माण कार्य किया है। जब वे इस बिल का भुगतान लेने के लिए रामपुर स्थित विद्युत वितरण कंपनी के ऑफिस पहुंचे, तो अधिकारियों ने उनसे 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।

👮 रंगे हाथों पकड़े गए भ्रष्ट इंजीनियर

ठेकेदार के अनुसार, वह रिश्वत की एक किस्त पहले ही दे चुके थे। सोमवार को जैसे ही उन्होंने एडिशनल चीफ इंजीनियर प्रहलाद मर्सकोले और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर चंद्रशेखर मेहरा को 25 हजार रुपये की दूसरी किस्त दी, वैसे ही EOW अधिकारी मनजीत सिंह और उनकी टीम ने मौके पर छापा मार दिया। दोनों अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

“इन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार द्वारा लाखों का वेतन, गाड़ी, बंगला और सुविधापूर्ण ऑफिस देने के बावजूद इन अधिकारियों का लालच कम नहीं हो रहा है।” — मनजीत सिंह, अधिकारी, EOW

⚖️ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने इसे एक गंभीर मामला माना है। अधिकारियों का कहना है कि उच्च पदों पर आसीन होकर सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के बावजूद इस तरह का भ्रष्टाचार असहनीय है। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.