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सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने पर बवाल: कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया ‘लोकतंत्र पर काला धब्बा’

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाने की दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान पर एक बड़ा प्रहार बताया है।

📌 मुख्य बिंदु

  • सोनम वांगचुक 21 दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे।

  • स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने उन्हें अस्पताल में शिफ्ट किया।

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता पवन खेड़ा ने इसे तानाशाही और संवैधानिक अधिकारों का हनन करार दिया।

  • दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कदम चिकित्सा सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत उठाया गया है।

कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर सरकार को घेरते हुए इस घटना को संविधान पर “एक और काला धब्बा” बताया। उन्होंने सरकार पर असहमति की आवाजों को दबाने का आरोप लगाया।

“111 दिन तक मां गंगा को बचाने के लिए आमरण अनशन पर बैठे प्रो जी.डी. अग्रवाल हों या हरियाणा की ओलंपिक पहलवान हों, हमारे 750 अन्नदाता किसान हों, दलित-आदिवासी हों, या फिर पेपर लीक की बलि चढ़े 25 बच्चे… इस तानाशाह सरकार ने किसी को नहीं बख्शा। इनकी नजर में कोई भी अगर आवाज उठाता है तो वह राष्ट्र विरोधी है, परजीवी है।”

खरगे ने यह भी कहा कि कोटा और देहरादून से उठी ‘छात्रों की गूंज’ जल्द ही दिल्ली की दहलीज तक पहुंचेगी।

पवन खेड़ा के गंभीर आरोप: ‘सत्ता के प्रति वफादार है पुलिस’

कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सीधे गृह मंत्रालय और दिल्ली के नवनियुक्त पुलिस आयुक्त पर निशाना साधा। उनका तर्क है कि सरकार शांतिपूर्ण विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की समस्या मानती है, जिसे डंडे के जोर पर कुचला जा सके।

  • संवैधानिक अधिकारों पर प्रहार: खेड़ा ने कहा कि गृह मंत्रालय का रवैया नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध करने के बुनियादी अधिकार को निशाना बनाने वाला है।

  • नए पुलिस आयुक्त पर तंज: उन्होंने कहा, “अगर आज की बर्बर कार्रवाई नए आयुक्त साहब का पहला संदेश है, तो इससे साफ पता चलता है कि उनकी वफादारी संवैधानिक कर्तव्य से ज्यादा सत्ता के प्रति है।”

  • पिछली घटनाओं का हवाला: खेड़ा ने महिला पहलवानों को सड़कों पर घसीटने और पूर्व सैनिकों के साथ हुई बदसलूकी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार न संविधान की इज्जत करती है और न ही लोकतांत्रिक मर्यादा की।

दिल्ली पुलिस और प्रशासन का पक्ष

राजनीतिक आरोपों के बीच, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी और चिकित्सकीय बाध्यताओं के चलते की गई है।

नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा ने जानकारी दी कि:

  1. स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

  2. वांगचुक फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में हैं और उन्हें सभी आवश्यक उपचार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

  3. अस्पताल के आधिकारिक सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि डॉक्टरों की एक टीम उनकी सघन चिकित्सकीय जांच कर रही है।

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