US Iran Conflict: अमेरिका के लगातार हमलों से दहला ईरान, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष लगातार जारी है। अमेरिका ने लगातार 12वें दिन ईरान के कई प्रमुख शहरों को निशाना बनाया है। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, पश्चिमी ईरान में अहवाज, रामशिर और एंडिमेस्क शहरों के पास अमेरिकी मिसाइलों से हमले किए गए। इस दौरान शालमचेह शहर में हुए अमेरिकी हमले में दो लोगों की जान भी चली गई। तेहरान पर हमले के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह होर्मुज स्ट्रेट में आम नाविकों और कमर्शियल जहाजों को खतरा पहुंचाता है।
⚠️ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दो टूक चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर पोस्ट कर ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी। ट्रंप ने कहा कि अब से जब भी ईरान होर्मुज स्ट्रेट में किसी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट या ड्रोन से गोलीबारी करेगा, तो अमेरिका उसके किसी पुल या बिजली संयंत्र को बम गिराकर पूरी तरह नष्ट कर देगा।
🛡️ ईरान का पलटवार: “अपनाएंगे जैसे को तैसा नीति”
ट्रंप की इस धमकी के जवाब में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया कि उनका देश ‘जैसे को तैसा’ वाली रक्षा नीति अपनाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि ईरान के बुनियादी ढांचे पर किसी भी आक्रामकता का शक्तिशाली और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। संघर्ष के दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे के बिजली संयंत्रों और पुलों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
📈 कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने और यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में जहाजों को धमकी दिए जाने से वैश्विक व्यापार पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 93 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो महीने की शुरुआत में 72 डॉलर से कम थी। ईंधन के दाम बढ़ने से आम जनता पर भी महंगाई का बोझ बढ़ रहा है।
💰 युद्ध में अब तक 37.5 अरब डॉलर खर्च और अमेरिकी सैनिकों की मौत
इस युद्ध से अमेरिका को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हाल ही में डोवर एयर फोर्स बेस पर अमेरिकी सेना के चार जवानों के पार्थिव शरीर लाए गए। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सीनेट की सुनवाई में अनुमान जताया है कि ईरान के साथ चल रहे इस संघर्ष में अमेरिका अब तक 37.5 अरब डॉलर खर्च कर चुका है।
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