रांचीः झारखंड में मानसून का असर लगातार बना हुआ है. मौसम केंद्र, रांची के पूर्वानुमान के अनुसार 23 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम नम बना रहेगा. दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही रहेगी और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. वहीं पूरे राज्य में सामान्य की तुलना में अब तक 28% कम बारिश रिकॉर्ड हुई है. कुल 11 ऐसे जिले हैं जहां वर्षापात की स्थिति अच्छी नहीं है.
⛈️ आज इन जिलों में रहेगा ज्यादा असर: लातेहार में भारी बारिश की चेतावनी
23 जुलाई को लातेहार जिला और उससे सटे इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. वहीं रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां सहित राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है. मौसम केंद्र ने खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है.
⛅ 24 जुलाई को कैसा रहेगा मौसम का मिजाज? उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बरसेंगे बादल
24 जुलाई को भी झारखंड में मानसून सक्रिय रहने के संकेत हैं. राज्य के अधिकतर हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश हो सकती है. मौसम केंद्र के मुताबिक उत्तर-पूर्वी इलाकों के देवघर, दुमका, गिरिडीह, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज के अलावा कोडरमा को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है. इस दौरान वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी आशंका बनी रहेगी.
🌦️ 25 जुलाई को भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला, लातेहार-चतरा में आसार
25 जुलाई को मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है. राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है. लातेहार और चतरा सहित मध्य झारखंड से सटे उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने के आसार हैं. इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवा चलने की संभावना को देखते हुए लोगों से मौसम को ध्यान में रखकर यात्रा और अन्य गतिविधियां करने की अपील की गई हैं.
📊 अब तक 414.9 मिमी की जगह 299.1 मिमी बारिश, गढ़वा में सबसे कम वर्षा
झारखंड में 1 जून से 22 जुलाई 2026 के बीच राज्य में 299.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य तौर पर 414.9 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी. यानी पूरे राज्य में अब तक 28 प्रतिशत कम बारिश हुई है. राज्य के अधिकांश जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है. सबसे अधिक कम बारिश गढ़वा में हुई, यहां सामान्य की तुलना में 65 प्रतिशत कम वर्षापात दर्ज किया गया. इसके बाद चतरा में 63 प्रतिशत, पाकुड़ में 60 प्रतिशत, देवघर में 55 प्रतिशत, कोडरमा में 53 प्रतिशत, गोड्डा में 46 प्रतिशत, गिरिडीह में 42 प्रतिशत, पलामू में 41 प्रतिशत, हजारीबाग में 38 प्रतिशत तथा बोकारो और रामगढ़ में 34-34 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई.
📈 सामान्य वर्षापात के करीब वाले जिले और कृषि पर प्रभाव की आशंका
वहीं कई जिलों में बारिश सामान्य के अपेक्षाकृत करीब रही. साहिबगंज में सामान्य से केवल 2 प्रतिशत कम, सरायकेला-खरसावां में 3 प्रतिशत कम, पश्चिमी सिंहभूम में 4 प्रतिशत और सिमडेगा में 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई. इसके अलावा रांची में 13 प्रतिशत कम, धनबाद और दुमका में 17-17 प्रतिशत कम, खूंटी में 22 प्रतिशत कम, लोहरदगा में 23 प्रतिशत, जामताड़ा में 24 प्रतिशत, लातेहार में 26 प्रतिशत, पूर्वी सिंहभूम में 27 प्रतिशत तथा गुमला में 29 प्रतिशत कम बारिश हुई. आंकड़े बताते हैं कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून अभी भी सामान्य से पीछे चल रहा है, जिससे खरीफ फसलों और जल स्रोतों पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है.
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