Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
कलेसर क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात, आम के बाग में घुसकर पेड़ों को पहुंचाया भारी नुकसान हरियाणा के सरकारी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन अनिवार्य हुआ राज्य-गीत, शिक्षा निदेशालय ने जारी किए ... 'टीबी मुक्त भारत ऐप' पंजीकरण में हरियाणा ने देश में हासिल किया दूसरा स्थान, मुख्य सचिव की बैठक में ख... रोहतक पुलिस का बड़ा अभियान, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 60 चालान और 246 लोग डिटेन अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन जशपुर व अग्रवाल महिला मंडल पत्थलगांव के संयुक्त तत्वाधान में वृक्षारोपण ... सोनीपत की रेलवे हाईराइज सोसायटी में दुखद घटना, 7वीं मंजिल से कूदकर 25 वर्षीय युवती ने की खुदकुशी अंबाला में मंत्री अनिल विज के आवास का घेराव करने पहुंचे सैकड़ों रोडवेज कर्मचारी, खुद ज्ञापन लेने बीच... मोहन लाल कौशिक बने 'हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज' (HBPE) के नए चेयरमैन, वित्त विभाग ने जारी... Haryana Valuers Conduct Code: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला! जमीनों के मूल्यांकनकर्ताओं के लिए नई आचार... Fatehpur Road Accident News: सीएम योगी की VIP ड्यूटी पर जा रहे हेड कांस्टेबल की भीषण हादसे में मौत, ...

Sonam Wangchuk News: ’26 दिन अनशन के बाद भी ईमानदारी का सबूत दूं?’ सरकार से डील के आरोपों पर भड़के सोनम वांगचुक

सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने शुक्रवार देर रात उन आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया कि उन्होंने अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म करने के लिए सरकार के साथ कोई डील की थी। उन्होंने आलोचकों से पूछा कि क्या NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में अन्य गड़बड़ियों के खिलाफ न्याय के लिए लगभग एक महीने तक अनशन करने के बाद भी उन्हें अपनी ईमानदारी साबित करने की जरूरत है। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो मैसेज में, सोनम वांगचुक ने सरकार के साथ समझौता करने के दावों पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि अनशन खत्म करने के उनके फैसले को राजनीतिक अटकलों के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

📹 ‘बिना वजह राय न बनाएं, 22 मिनट का पूरा वीडियो देखें’—सोनम वांगचुक की अपील

वांगचुक ने X पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “26 दिन की भूख हड़ताल के बाद, क्या मुझे अब भी अपनी ईमानदारी साबित करने की जरूरत है?” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कोई नतीजा निकालने से पहले उनके यूट्यूब चैनल पर मौजूद पूरा 22 मिनट का वीडियो देखें और उनके मैसेज को फैलाने में मदद करें। बिना किसी का नाम लिए, वांगचुक ने उन लोगों पर निशाना साधा जो आरोप लगा रहे थे कि उन्होंने केंद्र सरकार के साथ कोई डील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप उनके विरोध प्रदर्शन की व्यक्तिगत कीमत को नजरअंदाज करते हैं।

💬 ‘चरित्र प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं, 11 किलो वजन घटाकर कड़ा त्याग किया’

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि छात्रों के लिए 26 दिनों तक उपवास रखने, शरीर का 11 किलोग्राम वजन कम होने और लद्दाख की कड़ाके की ठंड से आकर दिल्ली की चिलचिलाती गर्मी में यह सब करने के बाद, क्या मुझे किसी से इस बात का चरित्र प्रमाण पत्र लेने की जरूरत है कि मेरा उपवास कितना पवित्र था, मैंने इसे किसके हाथों तोड़ा, या मैंने कोई समझौता किया या नहीं?

⚠️ घटिया मानसिकता पर जताई चिंता, कहा- ‘फैसला सुनाने से पहले बैकग्राउंड देखें’

सोनम वांगचुक ने कहा, “ऐसे लोगों को पैदा करने वाले देश पर शर्म आती है, जहां से ऐसे घटिया विचार उपजते हैं। मैं किसी को दोष नहीं देता क्योंकि आप में से अधिकांश को इस बात की जानकारी नहीं है कि मैं किन परिस्थितियों से गुजरा हूं, पिछले एक-दो हफ्तों में मेरा परिवार किन हालात से गुजरा है। इसलिए किसी की बात सुनने से पहले, उनके बैकग्राउंड को जरूर देखें। क्या वे कोई द्वेष रखते हैं? क्या वे किसी ऐसी राजनीतिक पार्टी से हैं जो किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी के प्रति द्वेष रखती है, या वे एक निष्पक्ष व्यक्ति हैं? यदि वे निष्पक्ष हैं, तो निश्चित रूप से उनकी बात सुनें।”

🛑 जल्दबाजी में न बनाएं राय, सरकार ने मुख्य मांगों पर दिया है सकारात्मक आश्वासन

उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना के बीच आई है। उन्होंने गुरुवार को अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी थी और कहा था कि सरकार ने उनकी मुख्य मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने भी लोगों से अपील की थी कि वे उनके फैसले पर जल्दबाजी में कोई राय न बनाएं। उन्होंने कहा कि एक्टिविस्ट ने खुद से भी बड़े मकसद के लिए बहुत ज्यादा शारीरिक त्याग किया है।

🏥 मेदांता के ICU में भर्ती हैं वांगचुक, पत्नी ने कहा—’कम से कम हमदर्दी तो दिखाएं’

X (ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट में गीतांजलि आंग्मो ने बताया कि 26 दिन के अनशन के दौरान 11 किलो वजन (जिसमें मसल्स भी शामिल थीं) कम होने के बाद वांगचुक को इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया। उन्होंने लिखा, “सोनम वांगचुक की आलोचना करने से पहले, जरा रुककर सोचिए कि खुद से बड़े मकसद के लिए 26 दिन तक उपवास करने का जज्बा क्या होता है? आज वे ICU में हैं, उन पर अपनी उम्मीदों और राजनीतिक हिसाब-किताब का बोझ डालने से पहले, कम से कम हम उनके प्रति थोड़ी हमदर्दी तो दिखा ही सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि हर कोई निस्वार्थ सेवा वाले जीवन को परखने के काबिल नहीं होता और लोगों से अपील की कि वे दिल से सोचें।

🤝 केंद्र सरकार के भरोसे के बाद खत्म हुआ अनशन, गुरुग्राम में चल रहा इलाज

गुरुवार देर रात, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह द्वारा विरोध प्रदर्शन के दौरान उठाई गई कई मांगों पर सरकार का भरोसा दिलाए जाने के बाद वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया। एक्टिविस्ट के अनुसार, सरकार ने भरोसा दिलाया कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने पर सकारात्मक रूप से विचार कर रही है, संसद में परीक्षा सुधारों पर चर्चा की सुविधा देगी, और NEET पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने पर भी सकारात्मक रूप से विचार कर रही है। वांगचुक अभी गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में ठीक हो रहे हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.