जोशीमठ के किमाणा गांव में भू-धंसाव से हड़कंप! चंडिका माता मंदिर क्षतिग्रस्त, प्राथमिक विद्यालय और पंचायत भवन में शिफ्ट होंगे ग्रामीण
जोशीमठ/चमोली (उत्तराखंड): उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ प्रखंड स्थित किमाणा गांव में लगातार हो रही भारी मूसलाधार बारिश के कारण हालात बेहद चिंताजनक और संवेदनशील हो गए हैं।
गांव के ठीक ऊपरी हिस्से में स्थित पहाड़ी पर लगातार भू-धंसाव (Landslide) हो रहा है, जिससे बड़े-बड़े बोल्डर और भारी मात्रा में मलबा नीचे रिहाइशी इलाके की तरफ गिर रहा है। इस आपदा से गांव के दर्जनों मकानों पर सीधा खतरा मंडराने लगा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर त्वरित एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
🏚️ मलबे की चपेट में आने से गौशाला क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों में छाया खौफ का माहौल
पहाड़ी से गिर रहे मलबे की भीषण चपेट में आने से गांव की एक गौशाला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
इसके साथ ही कुछ मकानों के ठीक पास तक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर पहुंचने से स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लगातार रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के कारण लोगों को अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता सताने लगी है।
🛕 ऐतिहासिक चंडिका माता मंदिर को भारी नुकसान, भोग मंडी पूरी तरह मलबे में दबकर ध्वस्त
गांव के ऊपरी हिस्से में स्थित आस्था के केंद्र प्रसिद्ध चंडिका माता मंदिर पर भी इस प्राकृतिक आपदा की बड़ी मार पड़ी है।
भू-धंसाव के कारण मंदिर परिसर की भोग मंडी पूरी तरह मलबे में दबकर जमींदोज हो गई है। इसके अलावा मुख्य मंदिर की कुछ सुरक्षा दीवारों को भी नुकसान पहुंचा है। इस प्राचीन और धार्मिक स्थल को पहुंचे नुकसान से पूरे गांव में शोक और चिंता का माहौल है।
🚜 मुख्य सड़कें और खेत-खलिहान हुए क्षतिग्रस्त, किसानों की खड़ी फसलें हुई बर्बाद
पहाड़ से आए भारी मलबे के कारण गांव को जोड़ने वाला मुख्य आवागमन मार्ग और खेतों तक जाने वाला पैदल काश्तकारी रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध व क्षतिग्रस्त हो गया है।
मार्ग बंद होने से ग्रामीणों का संपर्क कट गया है और आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है। इसके अलावा कई स्थानीय किसानों की कृषि योग्य उपजाऊ भूमि और खेतों में खड़ी फसलें मलबे में दबकर तबाह हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
🏫 प्राथमिक विद्यालय और पंचायत भवन में शिफ्ट होंगे प्रभावित परिवार: SDM चंद्रशेखर वशिष्ठ
जोशीमठ के उपजिलाधिकारी (SDM) चंद्रशेखर वशिष्ठ ने मामले पर बयान देते हुए बताया कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर जोखिम वाले मकानों में रह रहे परिवारों को गांव के प्राथमिक विद्यालय और पंचायत भवन में बनाए गए अस्थायी राहत शिविरों में तुरंत शिफ्ट किया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित जनहानि से समय रहते बचा जा सके।
📢 संबंधित विभागों को मौके पर पहुंचने के निर्देश, प्रशासन ने की ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
तहसील प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन और सिंचाई विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को तुरंत धरातल पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने कहा है कि क्षतिग्रस्त सड़कों व व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द सुचारू किया जाए। शासन-प्रशासन द्वारा हालात पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। यदि बारिश का दौर ऐसे ही जारी रहता है, तो अतिरिक्त सुरक्षा बलों और राहत सामग्री के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अधिकारियों को सूचित करने की अपील की है।
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