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गंगरेल बांध 97% भरा, 3 गेट खोलकर महानदी में छोड़ा 4670 क्यूसेक पानी; गांवों में अलर्ट

धमतरी (छत्तीसगढ़): जिले में लगातार हो रही वर्षा के चलते सभी प्रमुख जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। धमतरी की जीवनरेखा माने जाने वाले गंगरेल (पंडित रविशंकर शुक्ल) जलाशय में जलभराव लगभग 97 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध प्रबंधन ने इसके 3 रेडियल गेट खोल दिए हैं, जिनसे कुल 4670 क्यूसेक पानी लगातार डिस्चार्ज किया जा रहा है। महानदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण जिला प्रशासन ने नदी के बहाव क्षेत्र और तटीय इलाकों में बसे गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

📊 प्रमुख जलाशयों में जलभराव की स्थिति: मुरूमसिल्ली 98% के पार

3 सितंबर की सुबह 8:00 बजे की स्थिति के अनुसार जलाशयों का जल स्तर और आवक:

  • गंगरेल जलाशय: 97.40% भराव क्षमता | 3365 क्यूसेक पानी की आवक

  • मुरूमसिल्ली जलाशय: 98.61% भराव क्षमता | 362 क्यूसेक पानी की आवक

  • दुधावा जलाशय: 86.86% भराव क्षमता | 437 क्यूसेक पानी की आवक

  • सोंढूर जलाशय: 69.25% भराव क्षमता | 167 क्यूसेक पानी की आवक

  • निगरानी में वृद्धि: कैचमेंट एरिया में हो रही निरंतर बारिश को देखते हुए जल संसाधन विभाग और प्रशासनिक अमला सभी बांधों पर 24 घंटे नजर बनाए हुए है।

🚪 गंगरेल से महानदी और मुख्य नहर में पानी की निकासी: जलस्तर बढ़ने की संभावना

निकासी की तकनीकी रूपरेखा और संभावित प्रभाव:

  • नहर और नदी में बहाव: कुल छोड़े जा रहे पानी में से 1410 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के रास्ते महानदी मुख्य नहर (Mahanadi Main Canal) में प्रवाहित किया जा रहा है, जबकि 3360 क्यूसेक पानी सीधे महानदी के प्राकृतिक बहाव में छोड़ा जा रहा है।

  • जलस्तर में बढ़ोतरी: यदि ऊपरी क्षेत्रों में वर्षा का दौर इसी प्रकार जारी रहा, तो बांध में आवक बढ़ने पर अतिरिक्त गेट खोले जा सकते हैं, जिससे महानदी का जलस्तर और अधिक बढ़ सकता है।

📢 नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट: सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह

तटीय और निचले क्षेत्रों में एहतियाती उपाय:

  • नदी-नालों से दूरी: प्रशासन ने नदी किनारे बसे ग्रामीणों, चरवाहों और मछुआरों को नदी के मुहाने और रपटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

  • जलभराव से बचाव: जलभराव वाले निचले क्षेत्रों में आवागमन प्रतिबंधित किया गया है और आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा पूर्व-चिन्हित ऊंचे और सुरक्षित आश्रय स्थलों पर स्थानांतरित होने को कहा गया है।

  • मैदानी अमला तैनात: संबंधित तहसीलों के राजस्व अधिकारियों, कोटवारों और पंचायत सचिवों को अपने-अपने क्षेत्रों में मुनादी कराने और जलस्तर पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

⚠️ ‘नदी-नालों से दूर रहें, अफवाहों पर न दें ध्यान’: कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश

प्रशासनिक दिशा-निर्देश और आमजन से अपील:

  • कलेक्टर का वक्तव्य: धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन स्थिति पर पूरी सतर्कता से नजर रखे हुए है। उन्होंने महानदी के तटवर्ती निवासियों से जलस्तर को देखते हुए पर्याप्त दूरी बनाए रखने का आग्रह किया है।

  • बच्चों की सुरक्षा: प्रशासन ने विशेष रूप से अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को बाढ़ के पानी, एनीकट, पुल-पुलिया या जलस्रोतों के पास कतई न जाने दें।

  • आपातकालीन सूचना: किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की दशा में नागरिक तत्काल नजदीकी प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष या कंट्रोल रूम को सूचित करें और केवल अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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