Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Dalhousie Bear Rescue Operation: डलहौजी में बस स्टैंड के पास मुंह में कनस्तर फंसे भालू का रेस्क्यू, ... Sambhal Lover Couple Suicide: संभल में पेड़ से लटके मिले प्रेमी युगल के शव, तीन महीने से था प्रेम सं... West Bengal Politics: ममता बनर्जी के समर्थन के बाद कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर बवाल, केसी वेण... Punjab AAP Campaign: सीएम भगवंत मान ने जारी किया AAP का चुनावी पैम्फलेट; रविवार से शुरू होगा घर-घर प... Team India Asian Games News: एशियन गेम्स के लिए नागोया जा रही पुरुष क्रिकेट टीम को हुई परेशानी, जानि... Bollywood Actress Karishma Tanna News: बेटे को जन्म देने के बाद डिलीवरी और मदरहुड पर बोलीं करिश्मा त... Tarique Rahman Government News: भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव? चटगांव और मोंगला पोर्ट के सम... RBI Bank Holiday List: अगले हफ्ते अलग-अलग राज्यों में कई दिन बंद रहेंगे बैंक, चेक करें पूरी छुट्टियो... TRAI New Rules on Spam Calls: स्पैम और फर्जी कॉल्स से मिलेगी राहत, ट्राई ने बनाए बेहद सख्त नियम Parsva Ekadashi 2026: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी एकादशी की तिथि, मुहूर्त और धार्मिक मान्यता

Parsva Ekadashi 2026: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी एकादशी की तिथि, मुहूर्त और धार्मिक मान्यता

मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद महीने में आने वाली एकादशी को परिवर्तिनी या करवट बदलने वाली एकादशी कहा जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 21 सितंबर 2026 को रात 8:00 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर 2026 को रात 9:43 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के आधार पर परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर 2026 को रखा जाएगा.

🛌 2. क्यों कहते हैं इसे करवट बदलने वाली एकादशी? जानें चातुर्मास और भगवान विष्णु की योगनिद्रा का रहस्य

परिवर्तिनी एकादशी का नाम भगवान विष्णु की योगनिद्रा से जुड़ी धार्मिक मान्यता के कारण पड़ा है. मान्यता है कि चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शय्या पर योगनिद्रा में रहते हैं और इसी मध्य आने वाली इस एकादशी पर वे अपनी शयन अवस्था में करवट बदलते हैं, जिसे ‘पार्श्व परिवर्तन’ भी कहा जाता है.

🙏 3. भगवान विष्णु के करवट बदलने का धार्मिक महत्व और पूजा-पाठ से जुड़ी खास मान्यताएं

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु शयन करते हैं और देवउठनी एकादशी पर जागते हैं. इन दोनों के बीच आने वाली परिवर्तिनी एकादशी को भगवान विष्णु की योगनिद्रा का एक अहम पड़ाव माना जाता है. भक्त इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की आराधना करते हैं और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना करते हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.