यदि आपको भी दिनभर लोन, क्रेडिट कार्ड और प्रॉपर्टी के फर्जी कॉल्स से परेशानी होती है और आप रोज़ इस सिरदर्द से झल्लाते हैं, तो आपके लिए बड़ी राहत की खबर है. टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने अनचाही कमर्शियल कॉल्स पर नकेल कसने के लिए नियमों को और अधिक सख्त कर दिया है, जिससे स्पैम कॉलिंग करने वालों पर शिकंजा कसेगा.
🤖 2. सिर्फ नंबर नहीं बल्कि कॉलिंग पैटर्न पर भी रहेगी नजर, 10 दिन में 3 शिकायतें मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई
नई व्यवस्था के तहत अब केवल यह नहीं देखा जाएगा कि कॉल किस नंबर से आई है, बल्कि कॉलिंग पैटर्न और कॉलिंग फ्रिक्वेंसी पर भी कड़ी नज़र रखी जाएगी. TRAI और टेलीकॉम कंपनियां AI-बेस्ड स्पैम डिटेक्शन का इस्तेमाल करेंगी. खास बात यह है कि मात्र 10 दिनों के भीतर 3 उपभोक्ता शिकायतें मिलने और संदिग्ध पैटर्न मिलने पर तुरंत जांच और कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.
🚫 3. नियम तोड़ने वाले टेलीमार्केटर्स होंगे 1 साल के लिए ब्लैकलिस्ट, ऑटोमेटेड कॉल्स पर लगेगा टर्मिनेशन चार्ज
बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले टेलीमार्केटर्स को एक साल तक के लिए ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है, जिससे वे आसानी से नए नंबर से फ्रॉड शुरू नहीं कर पाएंगे. इसके अलावा, A2P (Application-to-Person) ऑटोमेटेड कॉल्स पर 5 पैसे प्रति मिनट तक का टर्मिनेशन चार्ज लगाने का प्रावधान भी किया गया है, ताकि भारी मात्रा में की जाने वाली कमर्शियल कॉलिंग पर लगाम लगाई जा सके.
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