जालंधर (पंजाब): जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने शहरवासियों से अवैध हथियारों से पूरी तरह दूरी बनाए रखने और किसी भी परिस्थिति में कानून अपने हाथ में न लेने की पुरजोर अपील की है। पुलिस कमिश्नरेट जालंधर की ओर से एक विशेष जन-जागरूकता संदेश जारी किया गया है, जिसमें आम जनता को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि अवैध हथियार रखना, उन्हें साथ लेकर चलना, उनका इस्तेमाल करना, निर्माण करना या उनकी अवैध खरीद-फरोख्त करना कानून के तहत गैर-जमानती और संगीन अपराध है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि समाज को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है। किसी भी प्रकार के अवैध हथियार की मौजूदगी कानून व्यवस्था के लिए सीधा खतरा है, जिस पर पुलिस का रुख पूरी तरह जीरो टॉलरेंस का रहेगा।
⚖️ ‘कानून हाथ में न लें, पुलिस को दें सूचना’: विवाद की स्थिति में खुद न करें फैसला
नागरिकों से संयम और सहयोग की अपील:
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कानून व्यवस्था का सम्मान: पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी विवाद, झगड़े या आपराधिक घटना के समय लोगों को खुद कानून हाथ में लेकर न्याय करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
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समय पर दें जानकारी: उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि किसी भी असामाजिक या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते किसी बड़ी अप्रिय घटना या अपराध को घटित होने से रोका जा सके।
🛑 ‘अवैध हथियारों को कहें ना, जिम्मेदार नागरिक बनें’: युवाओं और अभिभावकों से विशेष आह्वान
समाज में शांति और युवाओं की सुरक्षा पर जोर:
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निजी व सामाजिक सुरक्षा के लिए खतरा: पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अवैध हथियार न केवल इसे रखने वाले व्यक्ति की अपनी जान और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते हैं, बल्कि इनसे पूरे समाज में हिंसा और अपराध की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि होती है।
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अभिभावकों की जिम्मेदारी: उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और युवाओं को हथियारों के अवैध इस्तेमाल, प्रदर्शन या सोशल मीडिया पर हथियारों के महिमामंडन से पूरी तरह दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
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हेल्पलाइन नंबर 112 पर करें संपर्क: सीपी ने बताया कि यदि किसी भी नागरिक को किसी संदिग्ध व्यक्ति, संदिग्ध गतिविधि या अवैध हथियारों की आवाजाही की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर संपर्क कर पुलिस को सूचित कर सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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