Sahibganj Pitru Paksha 2026: साहिबगंज के गंगा घाटों पर उमड़ी भीड़, प्रतिपदा श्राद्ध के तीसरे दिन लोगों ने किया पूर्वजों का तर्पण
पितृ पक्ष के पावन अवसर पर मंगलवार को साहिबगंज के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। प्रतिपदा श्राद्ध के तीसरे दिन शहर के प्रसिद्ध मुक्तेश्वर गंगा घाट पर सुबह से ही बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर अपने दिवंगत पूर्वजों के नाम से विधि-विधान के साथ तर्पण किया। इस दौरान पूरा गंगा घाट परिसर विद्वान पुरोहितों द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्रों से गूंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने अनुशासित तरीके से पंक्तिबद्ध होकर बारी-बारी से अपने पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
🕊️ पितरों के आशीर्वाद से चल रहा जीवन, स्थानीय नागरिकों ने साझा की भावनाएं
इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान साहिबगंज के स्थानीय निवासी अर्जुन राम, रंजन पोद्दार, मनोज पोद्दार समेत कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उन्होंने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की और तर्पण किया। तर्पण करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि जीवन में अपने पूर्वजों और पितरों के आशीर्वाद से ही वे लोग अपने और अपने परिवार का भरण-पोषण पूरी सुख-शांति के साथ कर पा रहे हैं।
🌅 सुबह 5 बजे से ही गंगा घाटों पर शुरू हो गया था श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला
मिली जानकारी के अनुसार, सुबह 05:00 बजे से ही तर्पण करने के लिए गंगा घाटों पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो सुबह 10:00 बजे तक लगातार चलता रहा। धार्मिक मान्यताओं और पुरोहितों के अनुसार, सनातन धर्म में पितृ पक्ष को अपने मृत पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करने और उनका आभार व्यक्त करने का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस अवधि में लोग अपने पितरों की मुक्ति और आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म करते हैं।
👩🦰 महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा, तिल-जौ और फूलों से किया तर्पण
साहिबगंज के गंगा घाटों पर केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में महिलाएं भी तर्पण करने के लिए पहुंच रही हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि गंगा स्नान कर अपने को शुद्ध करने और देवी-देवताओं का स्मरण करने के बाद, प्रतिदिन तिल, जौ, फूल और अरवा चावल से तर्पण करने से घर-परिवार में सुख-शांति की प्राप्ति होती है और पूर्वजों का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है।
🏛️ मुक्तेश्वर घाट से लेकर राजमहल के सूर्यदेव घाट तक गूंजे मंत्र, अनुष्ठान जारी
साहिबगंज शहर के मुक्तेश्वर घाट और शकुंतला सहाय घाट के अलावा पास ही स्थित राजमहल अनुमंडल के सूर्यदेव घाट, काली घाट और अन्य प्रमुख गंगा घाटों पर भी लोगों ने पहुंचकर अपने-अपने पितरों को याद किया। श्रद्धालुओं ने परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पूरी श्रद्धा के साथ तर्पण की प्रक्रिया को संपन्न किया।
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