Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
भाजपा गुजरात सह प्रभारी गोमती साय ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से की मुलाकात Congress Election Result: अभिषेक चौधरी को मिले सबसे ज्यादा 6.15 लाख वोट, राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक... Rajasthan Kinnar House Theft: पुरानी रंजिश की आशंका के तहत पुलिस कर रही जांच, अज्ञात आरोपियों की तला... Chimur Ashramshala Controversy: डैंड्रफ की समस्या के नाम पर छात्रों के साथ अजीब सलूक, वायरल तस्वीरों... BJP vs Shinde Sena: नागपुर में बीजेपी के सामने बागी पूर्व विधायक की चुनौती, सीटों के बंटवारे के बाद ... Ulhasnagar Mahayuti Crisis: महाराष्ट्र में महायुति में पड़ी फूट! बीजेपी ने शिंदे सेना से अलग होने का... CM Vishnu Deo Sai Singapore Visit: छत्तीसगढ़-सिंगापुर साझेदारी से खुलेंगे विकास के नए रास्ते, ग्रीन ... Chhattisgarh PMAY Success: छत्तीसगढ़ में बिना सरकारी खर्च के मिली 25,413 आवासों के लिए जमीन, केंद्र ... Kanker Divyang Camp: जगदलपुर में 7 अक्टूबर को लगेगा निःशुल्क दिव्यांग शिविर, कलेक्टर कुन्दन कुमार ने... Raipur Police Reshuffle: मुख्यमंत्री और राजभवन सुरक्षा में बदले गए अधिकारी, गृह विभाग ने जारी किया न...

Jail News: रांची के बाद अब जमशेदपुर में सुधर रही जेल की स्थिति, उत्पादन इकाइयों से जुड़ रहे हैं बंदी

झारखंड की जेलों की व्यवस्था और कैदियों के जीवन स्तर में लगातार सुधार किया जा रहा है। रांची जेल की तर्ज पर अब जमशेदपुर स्थित घाघीडीह सेंट्रल जेल को भी आधुनिक और सुधारात्मक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इसी कड़ी में जेल प्रशासन ने बंदियों के शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए पुरुष और महिला खंड दोनों में ओपन जिम की शुरुआत की है। इसके साथ ही महिला बंदियों के साथ रहने वाले बच्चों के लिए एक शानदार और सुरक्षित क्रेच (पालनाघर) भी खोला गया है, ताकि जेल का माहौल उनके बचपन पर कोई नकारात्मक प्रभाव न डाले।

👶 बच्चों की पढ़ाई, देखभाल और बेहतर माहौल पर विशेष जोर: गांधी जयंती के मौके पर डीसी ने किया निरीक्षण

जेल के अंदर सबसे महत्वपूर्ण और मानवीय पहल महिला बंदियों के साथ रह रहे मासूम बच्चों को लेकर की गई है। महिला खंड में तैयार किए गए क्रेच में बच्चों की सही देखभाल और उनके विकास के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया गया है। गांधी जयंती के अवसर पर जमशेदपुर के डीसी रंजीव रंजन ने इस क्रेच का दौरा किया और महिला बंदियों तथा बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। जेल आईजी सुदर्शन मंडल का कहना है कि इन सुविधाओं से बंदियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

🏭 सजा के साथ सुधार और हुनर: प्रिंटिंग प्रेस और साबुन निर्माण इकाइयों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं बंदी

घाघीडीह जेल में सुधार के प्रयास केवल स्वास्थ्य और सुविधाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है। जेल परिसर के भीतर प्रिंटिंग प्रेस, साबुन निर्माण और कपड़ा निर्माण जैसी विभिन्न उत्पादन इकाइयां सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं, जिनमें बंदी काम सीखकर हुनरमंद बन रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने इन इकाइयों का निरीक्षण कर बंदियों के कार्यों की सराहना की है। इन तमाम पहलों का मुख्य उद्देश्य बंदियों को केवल सजा काटना नहीं, बल्कि समाज में एक बेहतर और उपयोगी नागरिक के रूप में वापस लौटना है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.