Ranchi Election Update: नो-मैपिंग और फर्जी प्रविष्टियों पर एक्शन, झारखंड में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा बैठक
रांची। राज्य में चल रहे मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के दौरान लंबित पड़े दावों और आपत्तियों के मामलों को लेकर चुनाव आयोग सख्त हो गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों में पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए कि किसी भी स्थिति में एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में जुड़ने से नहीं छूटना चाहिए।
📋 फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के त्वरित निष्पादन पर जोर, आउटरीच कार्यक्रम चलाकर होगी मदद
बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन पात्र नागरिकों को फॉर्म-6 के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करने में परेशानी हो रही है, उनकी बूथवार सूची तैयार कर आउटरीच कार्यक्रम चलाया जाए और उनकी मदद की जाए। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं के विवरण में कोई विसंगति नहीं पाई गई है, उनका नाम अंतिम सूची में यथावत रहेगा, जबकि विवरण में किसी भी प्रकार के संशोधन या स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन करना अनिवार्य होगा।
💻 गलत प्रविष्टियों का होगा विलोपन, सकारण आदेश का ECINET पर डिजिटाइजेशन अनिवार्य
समीक्षा के दौरान नो-मैपिंग, तार्किक विसंगतियों और डेमोग्राफिकली सिमिलर एंट्री (DSE) से जुड़े मामलों पर EROs और AEROs को कारण बताओ नोटिस जारी करने और सुनवाई के बाद नियमानुसार सकारण आदेश (Speaking Order) पारित करने का निर्देश दिया गया। यदि जांच में गलत प्रविष्टि प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पारित किए गए सभी सकारण आदेशों और फॉर्म-6, 6A, 7 एवं 8 के आवेदनों को ECINET पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से डिजिटाइज करने का निर्देश दिया गया है ताकि मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनी रहे।
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