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Madhya Pradesh Navratri: अन्न-जल त्यागकर मौन व्रत और शरीर पर जवारे बोए, रीवा के भक्त की अद्भुत भक्ति देखकर हैरान हैं लोग

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था और कठिन तपस्या का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बैकुंठपुर क्षेत्र के पिपरवार स्थित बुढ़गवां गांव के रहने वाले 46 वर्षीय कैलाश पटेल इन दिनों माता की अत्यंत कठिन उपासना कर रहे हैं। कैलाश पिछले 13 वर्षों से लगातार अपने घर में नवरात्रि के दौरान माता की स्थापना कर पूजा करते आ रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी भक्ति का एक अनूठा और कठिन मार्ग चुना है। वे नुकीली कीलों की शैया पर लेटकर नौ दिनों तक साधना कर रहे हैं, जिन्होंने इस दौरान अन्न-जल का पूरी तरह त्याग कर मौन व्रत भी धारण कर लिया है।

🌾 अन्न-जल का त्याग और शरीर पर जवारे, साधना पूरी होने के बाद मैहर पैदल या लेटे हुए जाएंगे कैलाश

परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, कैलाश पटेल ने नवरात्रि शुरू होने से दो दिन पहले ही खान-पान छोड़ दिया था और मौन व्रत के साथ साधना आरंभ की थी। उनके शरीर पर जवारे भी बोए गए हैं, और वे पूरे नौ दिनों तक इसी अवस्था में रहकर अपनी तपस्या पूरी करेंगे। उनकी यह कठिन साधना 23 अक्टूबर तक चलेगी। इसके उपरांत, साधना का समापन करने के बाद वे मैहर स्थित मां शारदा देवी के दरबार में दर्शन करने पहुंचेंगे और विधि-विधान से जवारों का विसर्जन करेंगे। उनकी इस अचल श्रद्धा और कठिन साधना को देखने के लिए दूर-दूर से लोग उनके घर पहुंच रहे हैं।

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