जगदलपुर: बस्तर दशहरा की एक रस्म के दौरान बुधवार को एक हादसा हो गया। विशालकाय विजय रथ की चपेट में आने के एक ग्रामीण की मौत हो गई। वहीं हादसे में एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, इस साल स्थानीय कारीगरों ने 8 चक्कों के विजय रथ का निर्माण किया था। जिसे सजाने के बाद भीतर रैनी रस्म के लिए दंतेश्वरी देवी के छत्र रथारूढ़ करने के लिए खींचा गया। परिक्रमा के दौरान मावली मंदिर के सामने रथ खींच रहे 2 ग्रामीण अचानक फिसलकर रथ के नीचे गिर गए।
🚨 भारी-भरकम रथ ग्रामीण के ऊपर चढ़ गया
फिसलकर गिरने के दौरान देखते ही देखते दो मंजिला विशालकाय और भारी-भरकम रथ एक व्यक्ति के ऊपर चढ़ गया। ग्रामीण रथ के नीचे बुरी तरह फंस गया और रथ के साथ कुछ दूर तक घिसटता चला गया। इस दर्दनाक हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुआ है। घायल को 108 एम्बुलेंस की मदद से डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल रवाना किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। हादसे के बाद रथ परिक्रमा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।
🚩 भीतर रैनी और बाहर रैनी रस्म का महत्व
बस्तर का ऐतिहासिक दशहरा पर्व देश के अन्य हिस्सों में मनाए जाने वाले दशहरे से बिल्कुल अलग है। यहां विजय दशमी के दिन रावण दहन नहीं किया जाता, बल्कि बस्तर की आराध्य देवी दंतेश्वरी के सम्मान में विशालकाय विजय रथ की परिक्रमा कराई जाती है। 75 दिनों तक चलने वाले इस अनूठे पर्व में भीतर रैनी और बाहर रैनी जैसी रस्मों का विशेष महत्व है। इन रस्मों में 8 चक्कों वाले रथ को खींचने की जिम्मेदारी बास्तानार-किलेपाल क्षेत्र के माड़िया जनजातीय समुदाय के ग्रामीण निभाते हैं। हालांकि, इस बार इस ऐतिहासिक रस्म के दौरान हुए हादसे ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया।
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