Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
विधायक पत्थलगांव, उपाध्यक्ष सरगुजा विकास प्राधिकरण एवं गुजरात सह-प्रभारी गोमती साय ने सुना प्रधानमंत... Bollywood News: टाइगर श्रॉफ ने 9 करोड़ में बेचा अपना लग्जरी फ्लैट, हाल ही में हुई फायरिंग की घटना के... Kerala Accident News: एर्नाकुलम में तेज रफ्तार मर्सिडीज का कहर, जज के नाबालिग बेटे की टक्कर से बाइक ... Delhi School Bomb Threat: स्कूल में छुट्टी पाने के लिए छात्रा ने ही दी थी बम की झूठी धमकी, दिल्ली पु... Air India Flight Cancellations: मध्यपूर्व तनाव के चलते एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बढ़ाईं ... Amit Shah Delhi Meeting: गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस और सीएम के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, कानू... Mumbai Protest News: शिवाजी पार्क में आदिवासियों का GenZ जनआक्रोश मोर्चा आज, मंत्रियों के इस्तीफे और... Pakistan Cricket News: सलमान अली आगा की वापसी, मोहम्मद रिजवान बाहर; श्रीलंका के खिलाफ 14 सदस्यीय टेस... Mobile Market Trends India: मेमोरी चिप महंगी होने से कम हुए सस्ते फोन, लावा और एआई+ जैसे देसी ब्रांड... SIM Binding Rules in India: WhatsApp और Telegram के लिए नया नियम, सिम कार्ड हटाने पर बंद हो जाएंगे म...

Bengaluru News: यशवंतपुर के निजी अस्पताल में इलाज में देरी से युवक की मौत, परिजनों और दोस्तों ने किया हंगामा

बेंगलुरु: कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के पुत्तूर इलाके के रहने वाले 22 वर्षीय युवक शाहीन की बेंगलुरु के यशवंतपुर स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक के परिवारजनों और मित्रों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही बरतने तथा इलाज में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया है। स्थिति को तनावपूर्ण देखते हुए अस्पताल परिसर और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

खून की उल्टी और संक्रमण के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती

मृतक शाहीन के करीबी दोस्त सिद्धार्थ ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और गंभीर कमियों की पोल खोली है। उन्होंने आपबीती साझा करते हुए बताया कि शाहीन को अचानक बहुत तेज खून की उल्टियां होने लगी थीं। कफ, गंभीर संक्रमण और टीबी जैसी आशंकाओं के चलते उसे यशवंतपुर के इस निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों और दोस्तों ने पिछली रात ही स्वास्थ्य बीमा (हेल्थ इंश्योरेंस) से जुड़ी तमाम औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली थी, इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन का कहना था कि उन्हें बीमा की ओर से केवल एक लाख रुपये ही प्राप्त हुए हैं।

पैसे और बीमा के चक्कर में डॉक्टरों ने 4 घंटे तक रोका इलाज

सिद्धार्थ के अनुसार, अस्पताल के कर्मचारियों ने परिवार पर तुरंत पांच लाख रुपये नकद जमा कराने का दबाव बनाया। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने जैसे-तैसे पचास हजार रुपये की नगद राशि जमा कर दी। हालांकि, जिन डॉक्टरों को तुरंत सर्जरी या उपचार शुरू करना था, उन्होंने पैसों के लेनदेन और बीमा क्लेम की औपचारिकता के नाम पर करीब चार घंटे तक इलाज रोक कर रखा। इसके बाद जब डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया और मरीज को आईसीयू में शिफ्ट किया, तो उसके कुछ ही मिनटों बाद उन्होंने शाहीन की मौत होने की दुखद सूचना दे दी।

परिजन और दोस्तों का हंगामा, मौत की असल वजह छिपाने का आरोप

रोते हुए सिद्धार्थ ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डॉक्टर मौत का सही और स्पष्ट कारण बताने से बच रहे हैं। परिवार को पूरी बात पता चलने से भी पहले अस्पताल प्रबंधन ने खुद पुलिस को बुला लिया। उनका साफ कहना है कि यह पूरी तरह से अस्पताल की आपराधिक लापरवाही है, जिसकी वजह से उनके युवा दोस्त की जान चली गई। इस घटना से आक्रोशित माता-पिता, रिश्तेदारों और दोस्तों ने अस्पताल परिसर के भीतर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और अपना गुस्सा जाहिर किया।

पुलिस बल तैनात, निजी कंपनी में काम करता था मृतक

परिजनों का यह भी कहना है कि अस्पताल के अत्यधिक लालच और चिकित्सा कर्मियों की अमानवीय लापरवाही के चलते ही शाहीन अपनी कीमती जिंदगी हार गया। आपको बता दें कि मृतक शाहीन एक निजी कंपनी में कार्यरत था। दूसरी ओर, किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को भांपते हुए यशवंतपुर थाना पुलिस ने अस्पताल के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.