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झारखंड-बिहार का 10 लाख का इनामी नक्सली संजय गोदराम मुंबई से गिरफ्तार, एटीएस ने की बड़ी कार्रवाई

पलामू: झारखंड और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंक का पर्याय बन चुके शीर्ष माओवादी संजय गोदराम उर्फ संजय यादव को आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। मूलरूप से झारखंड के पलामू जिले के अंतर्गत आने वाले छतरपुर थाना क्षेत्र के देवगन गांव का रहने वाले संजय गोदराम पर झारखंड सरकार द्वारा 10 लाख रुपये का भारी इनाम घोषित किया गया था। वह झारखंड में पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे आखिरी और सबसे बड़े इनामी नक्सलियों में से एक था। कुख्यात माओवादी संजय गोदराम की इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह द्वारा कर दी गई है।

जोनल कमांडर रहा है संजय गोदराम, पिछले दो दशकों से झारखंड-बिहार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बना हुआ था बड़ी चुनौती

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संजय गोदराम प्रतिबंधित नक्सली संगठन में जोनल कमांडर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा था। उसके ऊपर झारखंड और बिहार के विभिन्न इलाकों में 50 से अधिक बड़े और भीषण नक्सली हमलों को अंजाम देने का गंभीर आरोप है। बीते दो दशकों से भी अधिक समय से संजय सुरक्षा बलों और पुलिस एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। वह झारखंड-बिहार के एक अन्य शीर्ष माओवादी नितेश यादव का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता है और उसके मुख्य दस्ते का एक अत्यंत महत्वपूर्ण व सक्रिय सदस्य रहा है।

2025 में पुलिस मुठभेड़ से बच निकला था मास्टरमाइंड, 2013 के भीषण टीएसपीसी हत्याकांड में भी रहा है मुख्य आरोपी

गत 27 मई 2025 को पलामू जिले के हुसैनाबाद और पांडु के सीमावर्ती जंगली इलाके में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान संजय गोदराम पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो गया था। इसके बाद से ही झारखंड और बिहार की खुफिया व सुरक्षा एजेंसियां लगातार उसकी सुरागरसी कर रही थीं और उसे दबोचने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे थे। उसके आपराधिक इतिहास की बात करें तो वर्ष 2013 में पलामू के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र में माओवादियों द्वारा 15 टीएसपीसी (TSPC) कमांडरों की सामूहिक हत्या कर दी गई थी, इस सनसनीखेज वारदात में भी संजय गोदराम प्रमुख आरोपी के रूप में शामिल रहा है।

बिहार के कोबरा टीम पर हुए हमले और पलामू के काला पहाड़ लैंड माइंस विस्फोट मामले में भी वांटेड था कुख्यात नक्सली

इसके अलावा, वर्ष 2016 में पड़ोसी राज्य बिहार के गया और औरंगाबाद के सीमावर्ती दुर्गम क्षेत्रों में माओवादियों ने सीआरपीएफ की कोबरा (COBRA) टीम पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें देश के 10 वीर जवान शहीद हो गए थे; इस खूनी संघर्ष में भी संजय गोदराम की संलिप्तता रही है। वहीं, वर्ष 2016 में ही पलामू के छतरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संवेदनशील काला पहाड़ इलाके में नक्सलियों द्वारा कराए गए शक्तिशाली लैंड माइंस विस्फोट में सुरक्षा बलों के 7 जवान शहीद हो गए थे। इन तमाम जघन्य वारदातों और देशविरोधी गतिविधियों में संजय गोदराम का नाम मुख्य रूप से जुड़ा हुआ था।

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