Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Punjabi Actress Wedding: मशहूर पंजाबी एक्ट्रेस [नाम] ने रचाई शादी, हिमाचल की वादियों में लिए सात फेर... Sunil Jakhar on Arvind Kejriwal: अरविंद केजरीवाल पर सुनील जाखड़ का तीखा हमला, पूछा- 'ये डर है या घमं... Fazilka Crime News: फाजिल्का में नाजायज संबंधों को लेकर चली गोली, मां-बेटा गंभीर रूप से घायल Gold Silver Price Today: सोमवार को सोना-चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव, जानें 24K और 22K गोल्ड का ता... Gurdaspur News: गुरदासपुर में सराफ के घर डकैती का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी सफलता Haryana Weather Update: यमुनानगर में भीषण गर्मी का प्रकोप, 40 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तापमान; लू को ल... Haryana Politics: हरियाणा विधानसभा सत्र में भारी हंगामा, कांग्रेस का बॉयकोट; 5 बागी MLA के रुख से मच... Faridabad Crime News: फरीदाबाद की सड़क पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार, खुलेआम गुंडागर्दी से मचा हड़कंप Gurugram News: सीएम नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम को दिया बड़ा तोहफा, आधुनिक लाइट एंड साउंड शो का किया... Karnal News: करनाल में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़, 30 हजार में हो रहा था टेस्ट; आरोपी रंगे हा...

Women’s Reservation Bill: रायपुर में महिला बिल पर ‘सियासी महाभारत’, पदयात्रा के जरिए शक्ति प्रदर्शन; ईटीवी भारत की ग्राउंड रिपोर्ट

रायपुर: नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रही, बल्कि सड़क से लेकर स्टूडियो तक सियासी जंग छिड़ गई है. राजधानी रायपुर में भाजपा महिला मोर्चा की जन आक्रोश पदयात्रा ने इस बहस को और तेज कर दिया है. सत्ता पक्ष इसे महिलाओं के सम्मान की लड़ाई बता रहा है, तो विपक्ष इसे राजनीतिक नौटंकी करार दे रहा है. ऐसे में ईटीवी भारत की पड़ताल में सामने आते हैं दावे, सवाल और सियासत के असली मायने.

रायपुर की पदयात्रा: शक्ति प्रदर्शन या सियासी संदेश?

राजधानी रायपुर में भाजपा महिला मोर्चा की अगुवाई में निकली जन आक्रोश पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली. पुतला दहन और नारेबाजी के जरिए कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा गया. सत्ता पक्ष का कहना है कि यह आंदोलन महिलाओं के हक और 33% आरक्षण के समर्थन में है, जबकि विपक्ष इसे भीड़ जुटाने का राजनीतिक प्रयास बता रहा है.

सीएम का वार: कांग्रेस पर ‘महिला विरोधी’ होने का आरोप

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने में हमेशा बाधा डाली है. उनका कहना है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष इसे रोकने की कोशिश कर रहा है.

भाजपा संगठन का हमला: ‘वोट बैंक की राजनीति’

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह मातृशक्ति को सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखती है.उन्होंने कहा कि अधिनियम का विरोध कर कांग्रेस ने महिलाओं के प्रति अपनी असली सोच उजागर कर दी है.

कांग्रेस का पलटवार: “भीड़ नहीं जुटी, रैली फ्लॉप”

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पूरी सरकारी मशीनरी लगाने के बावजूद 2 हजार महिलाएं भी नहीं जुट पाईं.
उन्होंने दावा किया कि लक्ष्य 15 हजार का था, लेकिन महिलाओं ने भाजपा की रैली को नकार दिया. साथ ही उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं से जुड़े वादों पर सरकार फेल रही है.

भूपेश बघेल का बड़ा सवाल: “लागू क्यों नहीं हो रहा आरक्षण?”

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण कानून 2023 में पास हो चुका है, तो इसे तुरंत लागू क्यों नहीं किया जा रहा? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन का बहाना बनाकर इसे टाल रही है और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है.कांग्रेस का स्पष्ट रुख है कि मौजूदा सीटों में ही 33% आरक्षण लागू किया जाए.

पूरे घटनाक्रम को एक “नया राजनीतिक नैरेटिव सेट करने की कोशिश” के रूप में देखा जा सकता है.उनका कहना है कि
सभी दल महिला आरक्षण पर गंभीर दिखना चाहते हैं,लेकिन वास्तविक इच्छा और राजनीतिक ईमानदारी पर सवाल खड़े होते हैं, विशेष सत्र और बयानबाज़ी का मकसद चुनावी लाभ लेना भी हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर राजनीतिक दल सच में महिलाओं को सशक्त करना चाहते हैं, तो अपनी पार्टी संगठन में ही 33% भागीदारी क्यों नहीं देते?

सत्ता बनाम विपक्ष: मुद्दा या मौका?

पूरे घटनाक्रम में एक बात साफ है ,कि सत्ता पक्ष इसे ऐतिहासिक सुधार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बता रहा है,वहीं विपक्ष इसे ध्यान भटकाने और राजनीतिक लाभ लेने की रणनीति बता रहा है. दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.

सियासत के बीच असली मुद्दा कहीं पीछे तो नहीं?

रायपुर की सड़कों पर उतरी यह सियासत अब राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन चुकी है. महिला आरक्षण का मुद्दा जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जटिल भी, जहां नीयत, नीति और राजनीति तीनों की परीक्षा हो रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.