सीधी (मध्य प्रदेश): जिले के स्थानीय सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने गुरुवार शाम 4 बजे मझौली जनपद पंचायत अंतर्गत संचालित सीएम राइज स्कूल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की बेहद धीमी गति और नवनिर्मित भवन में कई स्थानों से बारिश का पानी टपकता देखकर विधायक का आक्रोश फूट पड़ा। शैक्षणिक परिसर में व्याप्त भारी अव्यवस्थाओं और लापरवाही को लेकर जनप्रतिनिधियों ने मौके पर मौजूद ठेकेदार और निर्माण से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों की जमकर क्लास ली।
🌧️ टिन शेड में टपकता पानी और पढ़ते मासूम: बदहाली देख फूटा जनप्रतिनिधियों का गुस्सा
जमीनी हकीकत और मौके की स्थिति:
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परेशानी में पढ़ाई: निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पर्याप्त पक्के कमरों के अभाव में स्कूली बच्चे टिन शेड वाले अस्थायी भवन में बैठकर पढ़ाई करने को विवश थे, जहां ऊपर से लगातार बारिश का पानी टपक रहा था।
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ठेकेदार से जवाब-तलब: मासूम बच्चों को टपकते पानी के बीच जोखिम उठाकर पढ़ाई करते देख विधायक ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
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समय-सीमा का उल्लंघन: उन्होंने कार्यस्थल पर उपस्थित ठेकेदार शंकर सिंह परिहार से निर्माण की प्रगति रिपोर्ट ली और निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी अधूरा कार्य रहने पर सख्त आपत्ति दर्ज कराई।
📞 मौके से ही PIU के SDO को फोन: विधायक ने लगाई कड़ी फटकार
विभागीय सुस्ती पर सख्त रुख:
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अधिकारी से दो-टूक संवाद: विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने स्कूल परिसर से ही लोक निर्माण विभाग (PIU) के अनुविभागीय अधिकारी (SDO) एपी सिंह को फोन लगाया।
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लापरवाही पर आक्रोश: उन्होंने निर्माण कार्य में बरती जा रही गंभीर शिथिलता को लेकर अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और शासकीय कार्यशैली पर असंतोष जताया।
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5 सितंबर की डेडलाइन: विधायक ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि स्कूल भवन का बचा हुआ निर्माण कार्य हर हाल में 5 सितंबर तक पूर्ण कराया जाए, ताकि छात्रों को पक्के और सुरक्षित कमरों में स्थानांतरित किया जा सके।
⚠️ ‘5 तारीख तक काम नहीं हुआ तो करवा दूंगा सस्पेंड’: सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जिम्मेदारों को अंतिम अल्टीमेटम:
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सीधी चेतावनी: विधायक ने सख्त लहजे में कहा, “अगर 5 तारीख तक काम पूरा नहीं हुआ तो सस्पेंड करवा दूंगा, मेरे काम करने का तरीका तो आप जानते हो ना? मैं सरकारी अधिकारियों की तरह ढिलाई बर्दाश्त नहीं करता।”
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जवाबदेही होगी तय: उन्होंने निर्देशित किया कि समय-सीमा में कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में पूरी जवाबदेही तय करते हुए संबंधित तकनीकी अमले और ठेकेदार के विरुद्ध वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
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छात्रों की सुरक्षा प्राथमिकता: जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई और सुरक्षा में किसी भी प्रकार का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, अतः अधूरे निर्माण को युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए।
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