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जेडी की शिकायत पहुंची मुख्यमंत्री तक: अजय गुप्ता ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात, शिक्षकों को प्रताड़ित करने वाले अफसरों पर कार्रवाई की मांग,

जशपुर 21 अक्टूबर 2025। सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के जशपुर जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने दीपावली मिलन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और अधिकारियों द्वारा की जा रही कथित प्रताड़ना का मुद्दा उठाया। अजय गुप्ता ने विशेष रूप से बस्तर संभाग के संयुक्त संचालक (शिक्षा) राकेश पांडे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पांडे के व्यवहार से बस्तर के शिक्षकों में भय और असंतोष का माहौल है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने विस्तारपूर्वक चर्चा की। मुलाकात के दौरान गुप्ता ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए बस्तर संभाग के संयुक्त संचालक (शिक्षा) राकेश पांडे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।गुप्ता ने मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया कि राकेश पांडे के पदभार ग्रहण करने के बाद से बस्तर क्षेत्र के शिक्षकों में भय और उत्पीड़न का वातावरण व्याप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि पांडे का व्यवहार अभद्र है और वे शिक्षकों के साथ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक रवैया अपनाते हैं।
शिक्षक फेडरेशन के आरोप – “संयुक्त संचालक बना रहे हैं डर और आतंक का माहौल”
ज्ञापन में जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने कई बिंदुओं का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि पांडे द्वारा कई शिक्षकों को बिना ठोस कारण के निलंबन और वेतनवृद्धि रोकने की धमकी दी गई है।

प्रधान पाठक प्रकाश नेताम के साथ संयुक्त संचालक ने अभद्र व्यवहार किया और “कुत्ते को भगाने” जैसी भाषा का प्रयोग किया।
विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में जाकर शिक्षकों को बच्चों के सामने अपमानित करते हैं।
डेली डायरी में मामूली त्रुटि मिलने पर सीधे दो वेतन वृद्धि रोकने या निलंबन की कार्रवाई की जाती है।
मध्यान्ह भोजन में दिए जाने वाले चावल और सब्जियों की गुणवत्ता को लेकर शिक्षकों को दोषी ठहराया जाता है, जबकि कई बार वीडियो में अधिकारी स्वयं वही भोजन करते हुए नजर आते हैं।
पांडे पर यह भी आरोप है कि वे मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़ी आश्रम शालाओं से आर्थिक वसूली के लिए दबाव डालते हैं।
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महिला शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप
गुप्ता ने आरोप लगाया कि राकेश पांडे के डर और दबाव की वजह से महिला शिक्षक मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने बताया कि इसी तनाव के चलते शिक्षिका संतोषी बिसाई एक दुर्घटना का शिकार हो गईं और उनका हाथ गंभीर रूप से घायल हो गया।
प्रशासनिक अधिकारों का दुरुपयोग का आरोप
अजय गुप्ता ने बताया कि संयुक्त संचालक अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर स्थानांतरण, संलग्नीकरण और पदस्थापन जैसी कार्रवाइयों में दखल दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पांडे ने कई व्याख्याताओं और लिपिकों को मनमाने ढंग से अन्य जिलों में संलग्न किया है।
इसके अलावा, पांडे पर यह भी आरोप है कि वे “सर्जिकल स्ट्राइक” जैसी भाषा का प्रयोग कर शिक्षकों को डराने की कोशिश करते हैं और खुद को सैनिक की तरह प्रस्तुत करते हैं।
“शिक्षक अब आंदोलन को मजबूर” – फेडरेशन की चेतावनी
अजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।उन्होंने कहा,“शिक्षक किसी अफसर के डर में नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के लिए काम करना चाहते हैं। जो अफसर भय फैलाकर शिक्षकों को डराना चाहते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिये।
मुख्यमंत्री ने दिया जांच का आश्वासन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फेडरेशन की बातों को गंभीरता से सुना और मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

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