असम में ‘सियासी’ महाभारत! पिता प्रद्युत बोरदोलोई ने थमा BJP का दामन, तो बेटे ने ठुकराया कांग्रेस का टिकट; मची खलबली
असम में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है और राजनीतिक दल अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम फाइनल करने में जुटे हैं. इस बीच वहां अभी भी दलबदल का दौर जारी है और कांग्रेस के लिए झटके लगने कम होने का नाम भी नहीं ले रहे. पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रद्युत बोरदोलोई के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने के बाद उनके बेटे ने कांग्रेस को अपना टिकट वापस कर दिया है.
कांग्रेस पार्टी में बोरदोलोई परिवार के सामने तब नाटकीय स्थिति पैदा हो गई जब वरिष्ठ नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने कल बुधवार को दिल्ली में बीजेपी का दामन थाम लिया. पिता के पार्टी छोड़ने के बाद भी प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने प्रद्युत बोरदोलोई के बेटे प्रतीक बोरदोलोई पर भरोसा बनाए रखा था और उनका समर्थन किया. प्रतीक वर्तमान में असम प्रदेश कांग्रेस समिति (APCC) के सोशल मीडिया विभाग के सह-अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं.
निजी कारणों का दिया हवाला
हालांकि इस घटनाक्रम के कुछ घंटे बाद ही प्रतीक बोरदोलोई ने निजी और राजनीतिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए, मार्घेरिटा विधानसभा क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी से नाम वापस ले लिया. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजे पत्र में प्रतीक बोरदोलोई ने कहा कि उनका यह फैसला उनके पिता, प्रद्युत के किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने के बाद आया है. उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में, उनके लिए एक उम्मीदवार के तौर पर बने रहना उचित नहीं होगा.
कांग्रेस पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए, प्रतीक ने कहा कि मार्घेरिटा के लोग और पार्टी कार्यकर्ता, कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले उम्मीदवार के बारे में पूरी स्पष्टता और विश्वास के हकदार हैं. बदले हालात के बीच चुनाव मैदान में बने रहने से उनकी स्थिति और वफादारी को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है.
गौरव गोगोई ने जताया था विश्वास
अपना नाम वापस लेने के इस फैसले को संगठन के प्रति सम्मान और पार्टी अनुशासन से प्रेरित बताते हुए, उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस के आदर्शों में उनका विश्वास अब भी काफी मजबूत है. पार्टी नेतृत्व की ओर से उन्हें सौंपी गई किसी भी भूमिका में वे पार्टी और मार्घेरिटा के विकास के लिए काम करते रहेंगे. पत्र में उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने लंबे जुड़ाव पर भी प्रकाश डाला. साथ ही पार्टी नेतृत्व की ओर से उन पर निरंतर विश्वास बनाए रखने और समर्थन के लिए आभार व्यक्त जताया.
इससे पहले कांग्रेस में दलबदल की नई घटना के बीच, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के प्रमुख गौरव गोगोई ने प्रतीक बोरदोलोई के प्रति अपना समर्थन जताया था. प्रतीक को कांग्रेस ने मार्घेरिटा सीट से मैदान में उतारा था. तब गोगोई ने कहा था कि प्रतीक के राजनीतिक भविष्य से जुड़ा फैसला पूरी तरह से उन्हीं का होगा.
प्रद्युत बोरदोलोई ने कल बुधवार को ही नई दिल्ली में औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल हो गए. इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा था कि उनके परिवार में राजनीतिक फैसले स्वतंत्र रूप से लिए जाते हैं, और इस बात पर जोर दिया कि उनके इस फैसले से उनके बेटे के फैसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
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