Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
बंगाल में भर्ती घोटालों की जांच तेज: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने भ्रष्ट अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की दी... Dhar News: मार्शल आर्ट प्रशिक्षक बलवंत सिंह देवड़ा को मिली सिर कलम करने की धमकी, पुलिस जांच में जुटी TVK Government: तमिलनाडु में 'थलपति' विजय की सरकार सुरक्षित, कांग्रेस और AIADMK बागियों ने दिया साथ Sonia Gandhi Health Update: सोनिया गांधी मेदांता अस्पताल में भर्ती, रूटीन चेकअप के बाद वापस दिल्ली ल... West Bengal News: सुवेंदु अधिकारी ने चुनी भवानीपुर सीट, नंदीग्राम छोड़ेंगे; विधानसभा में ली विधायक प... ऊर्जा संरक्षण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा फैसला, उत्तराखंड में मंत्रियों और अफसरों को भी न... Delhi-Dehradun Expressway: लोनी से काठा के बीच सफर होगा महंगा, NHAI ने जारी की नई टोल दरें Prateek Yadav Death: मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा ख... Haridwar News: हरिद्वार के प्रतिबंधित क्षेत्र में नॉनवेज डिलीवरी पर बवाल, नगर निगम ने रैपिडो को दी च... Balaghat News: शादी की रात प्रेमिका ने बिछाया मौत का जाल, तरुण हत्याकांड में दुल्हन गिरफ्तार

Jharkhand Politics: कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को एक साल की जेल; पूर्व मंत्री रणधीर सिंह समेत 15 बरी

दुमका – एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने कांग्रेस के पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव को एक वर्ष की सजा सुनाई है. हालांकि मौके पर ही उन्हें जमानत भी मिल गई. मामला 2010 में देवघर नगर थाना में दर्ज हुआ था, जिसमें झारखंड विकास मोर्चा के एक प्रदर्शन के दौरान देवघर समाहरणालय परिसर में हंगामा हुआ था. कुछ लोगों को पुलिस ने कस्टडी में लेकर स्टेडियम में रखा था. कोर्ट ने माना कि इस दौरान प्रदीप यादव पुलिस कस्टडी में लिए गए लोगों को छुड़ा ले गए थे.

एमपी-एमएलए कोर्ट ने दिया फैसला

एमपी – एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सह एसडीजेएम मोहित चौधरी ने प्रदीप यादव को भादवि की धारा 225 के तहत एक साल की सजा सुनाई है. वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत का आवेदन दिया, जिसे न्यायालय ने दस हजार के दो मुचलकों पर एक माह के लिए स्वीकार किया. इस मामले में सारठ के पूर्व विधायक रणधीर सिंह समेत 15 लोगों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया. रणधीर सिंह भी उस वक्त झाविमो में थे.

इस केस में 06 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया. बता दें कि मामला 15 सितंबर 2010 का है. जब देवघर को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर तत्कालीन झाविमो पार्टी के विधायक प्रदीप यादव नेतृत्व में सड़क से लेकर देवघर समाहरणालय तक प्रदर्शन किया गया था. मामले में दंडाधिकारी के रूप में तैनात सूचक श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुधीर कुमार मोदी ने लोक संपति अधिनियम के तहत खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाया था.

प्राथमिकी में यह उल्लेख था कि जब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर देवघर स्टेडियम में रखा गया था, उस वक्त प्रदीप यादव वहां पहुंचे और जोर जबरदस्ती कर लोगों को छुड़ा ले गए. फिर वापस प्रदीप यादव ने देवघर मंडल कारा के सामने सड़क को जाम कर दिया. बाद में जब पुलिस वहां पहुंची तब वे अपने समर्थकों के साथ भाग खड़े हुए.

प्रदीप यादव ने कहा – फैसले से सहमत नहीं, करेंगे अपील

फैसले के बाद प्रदीप यादव ने प्रेस से बात करते हुए कहा कि वे इससे सहमत नहीं हैं. ऐसा बिल्कुल नहीं है कि उन्होंने कस्टडी से लोगों को छुड़ाया था क्योंकि केस की पूरी सुनवाई में ऐसे किसी भी व्यक्ति का नाम सामने नहीं आया, जिसे छुड़ाया गया था.

उन्होंने कहा कि इस फैसले के खिलाफ हुए वे आगे कोर्ट में अपील दायर करेंगे. इधर प्रदीप यादव के अधिवक्ता शंकर बसईवाला ने भी बताया कि कोर्ट ने प्रदीप यादव को एक साल की सजा दी है. उसके बाद उन्हें जमानत भी मिल गई है. इस फैसले के खिलाफ वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.

रणधीर सिंह ने जताई खुशी

भले ही इस केस में विधायक प्रदीप यादव को एक साल की सजा सुनाई गई. वहीं सारठ के पूर्व विधायक रणधीर सिंह समेत 15 लोगों को साक्ष्य के अभाव में रिहा भी किया गया. रणधीर सिंह ने कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई है. उनके अधिवक्ता प्रतीक झा ने बताया कि साक्ष्य के अभाव में इन्हें रिहा कर दिया गया है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.