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Nitesh Rane Relief: नितेश राणे को बड़ी राहत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने जेल की सजा पर लगाई रोक

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को जेल नहीं जाना होगा. बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर बेंच ने राणे की सजा पर अमल पर रोक लगा दी है. साल 2019 में NHAI के इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के मामले में पिछले महीने स्थानीय अदालत ने 1 महीने की जेल की सजा सुनाई थी.

निचली अदालत ने देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री नितेश राणे को पिछले महीने 27 अप्रैल को एक महीने सजा सुनाई थी. लेकिन राणे फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट चले गए और यहां के कोल्हापुर बेंच ने अदालत के इस फैसले पर रोक लगा दी.

विधायकी पर नहीं पड़ेगा असर

साथ ही जेल की सजा मिलने के कारण नितेश राणे के विधायक या मंत्री पर आंच आने की जो बात कही जा रही थी उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा. पीपल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट के नियम के अनुसार अगर किसी जन प्रतिनिधि को 2 साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ता है, लेकिन नितेश राणे के केस में सजा महज एक महीने का है, और उस पर भी स्थगन मिल चुका है.

मामला जुलाई 2019 का है, तत्कालीन विधायक नितेश राणे कणकवली इलाके में मुंबई-गोवा हाईवे की खराब हालत का जायजा लेने पहुंचे थे. लेकिन सड़क पर गड्ढों और कीचड़ को लेकर स्थानीय लोगों ने भारी नाराजगी जताई. इसी दौरान राणे और उनके समर्थकों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के एक इंजीनियर को मौके पर बुलाया. लेकिन राणे ने उस इंजीनियर के साथ दुर्व्यवहार किया और उस पर कीचड़ डाल दिया. इस घटना का वीडियो वायरल हो गया और मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था.

राणे और समर्थकों पर कई केस

इस प्रकरण के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए राणे और उनके कई समर्थकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 353 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने के लिए आपराधिक बल का प्रयोग), 504 (शांति भंग करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत केस दर्ज कर लिया था. पुलिस ने तब राणे को गिरफ्तार भी किया था. इसके कोर्ट में बाद वह जमानत पर बाहर आ अए थे. हालांकि यह केस कोर्ट में चलता रहा. फैसला आने के बाद राणे के वकील ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे.

अधिकारी को थप्पड़ मारे जाने की घटना को लेकर नितेश राणे ने कहा था कि उन्होंने यह कदम जनता की परेशानी दिखाने के लिए उठाया था. कोर्ट से सजा सुनाए जाने के फैसले के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी.

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