Indore News: जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े समेत 33 कांग्रेसियों पर FIR दर्ज; चक्काजाम और प्रदर्शन को लेकर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
इंदौर। किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस द्वारा गुरुवार को किए गए विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम के मामले में जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेडे सहित तैंतीस लोगों पर प्रकरण दर्ज किया गया है।
गुरुवार सुबह किसानों के नाम पर कांग्रेस ने आंदोलन कर एबी रोड जाम कर दिया था। दोपहर तक राऊ पिगडंबर के राष्ट्रीय राजमार्ग तीन (एबी रोड) पर जिला कांग्रेस और किसान कांग्रेस ने चक्काजाम किया था। गेहूं खरीदी की अव्यवस्थाओं और किसानों की मांगों का हवाला देकर कांग्रेस ने प्रदेश स्तर पर इस विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी। इसी मामले को लेकर शुक्रवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित तैंतीस कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर प्रकरण दर्ज किया गया है।
इंदौर में सुबह करीब 11.30 बजे से राऊ एबी रोड पर कांग्रेसियों ने रास्ता जाम करना शुरू किया था। ट्रैक्टर ट्रॉली, ट्रक और अन्य गाड़ियां खड़ी कर एबी रोड की दोनों लेन पूरी तरह ब्लाक कर दी गई थी। इसके चलते वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। नौकरी पेशा, यात्री, विद्यार्थियों के साथ माल परिवहन कर रहे ट्रक चालक भी कड़ी धूप में परेशान होते रहे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, किसान कांग्रेस अध्यक्ष जीतू ठाकुर ने चक्काजाम की अगुवाई की थी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में सरकार मनमानी कर रही है। अव्यवस्थाओं से किसान परेशान है। यूरिया-उर्वरक की कीमतें बढ़ा दी गई है और उसके बाद भी किसानों को खाद मिल नहीं पा रहा है।
इंदौर के एबी रोड पर आयोजित चक्काजाम में शामिल होने के लिए अनुसूचित जाति-जनजाति कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक विक्रांत भूरिया, बदनावर विधायक भैरोसिंह शेखावत भी पहुंचे थे। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी के साथ महिलाएं भी चक्काजाम करवाती दिखीं। हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इंदौर के आंदोलन में नहीं पहुंचे थे। इंदौर में जब कांग्रेसी आंदोलन कर रहे थे उसी दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी वहां से निकले और कुछ देर रुक कर आंदोलन का समर्थन किया। दोपहर ढाई बजे कांग्रेसियों ने आंदोलन खत्म किया और जाम खुला।
यूनिवर्सिटी भी हुई बंद, यात्री बेहाल
राजनीतिक चक्काजाम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मेडिकेप्स यूनिवर्सिटी के सामने राजमार्ग को जाम किया था। पुलिस ने भी बैरिकेडिंग कर दोनों ओर से रास्ता रोक दिया था। भारी बल, दंगारोधी वाहन वज्र तो तैनात किया लेकिन पुलिस ने कांग्रेसियों को रोककर जाम खुलवाने की कोशिश नहीं की थी।
तीन घंटे से ज्यादा देर तक नेता रोड घेरे रहे। नतीजा ये हुआ कि मेडिकेप्स यूनिवर्सिटी में भी कक्षाएं प्रभावित हुए और विद्यार्थी कालेज नहीं पहुंच सके थे। ट्रक चालक भी परेशान हुए, इस बीच कई यात्री जो इस मार्ग से गुजर रहे थे वे भी परेशान होकर नेताओं को कोसते दिखे। इस बीच दो एंबुलेंस उसी रास्ते पर पहुंची। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने कहा कि दोनों एंबुलेंसों को कार्यकर्ताओं ने जाम के बीच से निकलने का रास्ता दिया और मदद की थी।
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