मौत का ‘स्वाद’! दुर्ग में गुपचुप खाने से मची चीख-पुकार, महिला की मौत के बाद इलाके में दहशत, कई मरीजों की हालत गंभीर
दुर्ग: गुपचुप या कहें पानीपूरी, जिसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. लेकिन यही गुपचुप आपकी जान भी ले सकता है, जब ये दूषित हो जाए. कुछ ऐसी ही घटना पाटन ब्लॉक के ग्राम बेलौदी में सामने आई है. यहां गुपचुप खाने के बाद 26 लोगों की तबीयत खराब हो गई. आनन फानन में बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया. आज इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई. ग्रामीणों ने बताया कि ये घटना जामगांव थाना इलाके की है.
गुपचुप खाने के बाद महिला की मौत
मृत महिला सरस्वती निषाद, पति अशोक निषाद, उम्र 45 वर्ष है. मृत महिला ने गांव में गुपचुप खाया था जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी. ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक महिला को पहले उल्टी और दस्त की शिकायत हुई. बाद में लगातार उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई. परिवार के लोग उसे एक स्थानीय डॉक्टर के पास इलाज के लिए ले गए. डॉक्टर के दवा देने के बाद भी महिला की तबीयत में सुधार नहीं आया. जिसके बाद उसे गाड़ाडीह के अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां आज इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैंप
ग्रामीणों का कहना है कि गुपचुप खाने के बाद कई लोगों की तबीयत खराब हुई. करीब 50 लोग उल्टी और दस्त की शिकायत से पीड़ित हुए. जिनकी हालत में सुधार नहीं आया उनको अस्पताल में भर्ती कराया और जिनकी हालत ठीक हुई वो घर पर आराम कर रहे हैं. एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव पहुंची. जहां राहत कैंप लगाकर लोगों की जांच की गई. जिनको दवा की जरूरत थी उनको दवा दी गई. बताया जा रहा है कि सभी लोगों ने एक ही दुकान से गुपचुप खाया था.
गुपचुप वाले ने पानी बनाने के लिए पास में लगे बोर से पानी लिया था. एक महिला की मौत हुई है. हम लगातार कैंप के जरिए लोगों की मदद कर रहे हैं, दवाएं दे रहे हैं. प्रभावितों के सैंपल भी लिए जा रहे हैं: सीबीएस बंजारे, जिला नोडल अधिकारी
दुकानदार ने बोर का पानी किया था इस्तेमाल
जिला नोडल अधिकारी सीबीएस बंजारे ने कहा, ”बेलौदी के संडे बाजार में गुपचुप खाने से 26 लोग बीमार पड़ गए. गुपचुप वाले ने पानी बनाने के लिए बाजार के पास से बोर का पानी इस्तेमाल किया था. प्रभावित लोगों को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जिला स्वास्थ्य विभाग मरीजों के सैंपल डोर टू डोर कलेक्टर कर रहा है.
बाजार में पानीपूरी खाते समय इन बातों का ध्यान रखें
- दुकान के आसपास गंदगी या गंदा पानी नहीं होना चाहिए
- गंदी जगह पर संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है
- गुपचुप परोसने वाले के हाथ साफ होने चाहिए
- दुकानदार ने गल्ब्ज नहीं पहनें तो वहां पानीपूरी नहीं खाएं
- पानी साफ और शुद्ध होना चाहिए
- ज्यादा खट्टे या अजीनोमोटो वाले पानी से परहेज करें, इससे पेट खराब होता है
- डिस्पोजेबल पत्तल या साफ बर्तन का उपयोग करें
- ताजी बनी हुई पानीपूरी खाएं
- खाने में अगर कृत्रिम रंग हो तो खाने से परहेज करें
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