Chhattisgarh News: रायपुर में मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह; सीएम विष्णुदेव साय ने 22 होनहारों को किया सम्मानित
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में श्रम विभाग द्वारा एक भव्य मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में टॉप-10 में स्थान बनाने वाले 22 मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे श्रमिक भाई-बहन अपने कठिन परिश्रम, पसीने और समर्पण से देश और समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव रखते हैं. वे स्वयं कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रहकर दूसरों को जीवन की तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं, इसलिए वे वास्तव में राष्ट्र के सच्चे निर्माता हैं.
💰 मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना: टॉपर्स को मिली ₹2-2 लाख की प्रोत्साहन राशि, स्कूटी खरीदने के लिए भी वित्तीय मदद
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण श्रमिकों के उन होनहार छात्र-छात्राओं की पीठ थपथपाई, जिन्होंने तमाम अभावों के बावजूद राज्य की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार रैंक हासिल की है. ‘मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना’ के तहत प्रत्येक मेधावी विद्यार्थी को ₹2 लाख की भव्य प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया. इस बार सम्मानित होने वालों में 10वीं बोर्ड के 9 और 12वीं बोर्ड के 13 प्रतिभावान विद्यार्थी शामिल हैं. कार्यक्रम में मौजूद श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने योजना की बारीकियां साझा करते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को ₹1 लाख सीधे उनकी उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए और ₹1 लाख कॉलेज जाने हेतु दोपहिया वाहन (स्कूटी/मोटर साइकिल) खरीदने के लिए दिए जा रहे हैं ताकि बेटियों और बेटों को आगे बढ़ने में कोई बाधा न आए.
🎓 ‘श्रमिकों के बच्चों को अब बनाना है डॉक्टर और इंजीनियर’: सीएम साय बोले—श्रमिक परिवारों के कल्याण के लिए चल रही हैं 70 योजनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में एक बड़ा विज़न सामने रखते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह सोच है कि श्रमिकों के बच्चे सिर्फ श्रमिक बनकर न रह जाएं, बल्कि वे बेहतरीन तकनीकी शिक्षा पाकर डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी (IAS/IPF) और अन्य बड़े पदों पर पहुंचकर राज्य और देश की सेवा करें. मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार केवल श्रमिकों और उनके आश्रित परिवारों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए लगभग 70 से अधिक कल्याणकारी योजनाएं पूरी निष्ठा से चला रही है. उन्होंने सभी श्रमिक परिवारों से आह्वान किया कि वे जागरूक बनें और इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने बच्चों का भविष्य संवारें.
💳 28 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को बड़ा तोहफा: डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे खातों में भेजे गए ₹7.79 करोड़
इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने पारदर्शिता की मिसाल पेश करते हुए प्रदेश के 28,754 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल ₹7.79 करोड़ की भारी सहायता राशि का भुगतान किया. यह पूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से बिना किसी बिचौलिए के सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में जमा की गई. अधिकारियों ने बताया कि इस फंड में मुख्य रूप से गणवेश एवं पुस्तक सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, छात्रवृत्ति योजना, औजार सहायता योजना, साइकिल सहायता योजना और वृद्ध श्रमिकों के लिए पेंशन सहायता योजना शामिल हैं.
🌳 केंद्र की ‘यूनिवर्सल पीएफ नंबर’ प्रणाली की सराहना: विश्व पर्यावरण दिवस पर सीएम ने लगाया “एक पेड़ मां के नाम”
अपने पुराने राजनीतिक अनुभवों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें केंद्र सरकार में श्रम राज्य मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला था, और वे भली-भांति जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रमिकों के हितों के प्रति कितने संवेदनशील हैं. उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा शुरू की गई ‘यूनिवर्सल पीएफ नंबर’ (UAN) जैसी आधुनिक व्यवस्था से देशभर के असंगठित और संगठित श्रमिकों को अपनी भविष्य निधि की राशि प्राप्त करने में अब काफी आसानी हुई है. छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप ने भी मंडल द्वारा चलाई जा रही स्वरोजगार योजनाओं की रूपरेखा रखी. कार्यक्रम के अंतिम चरण में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ मां के नाम” राष्ट्रीय अभियान के तहत परिसर में पौधारोपण किया और आम जनता से भी पर्यावरण की रक्षा के लिए पौधे लगाने की भावुक अपील की.
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