Delhi Government Big Decision: दिल्ली में प्रशासनिक फेरबदल; लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर अब सीधे एक्शन ले सकेंगे DM
दिल्ली सरकार में गृह मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मीडिया को बैठक में लिए गए बड़े और कड़े प्रशासनिक निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में अवैध निर्माण, फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुए दुखद हादसों को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अत्यंत गंभीरता से लिया है. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस आपात बैठक में राजधानी में कानून का राज सख्ती से लागू करने, भ्रष्टाचार पर प्रहार करने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए कई अभूतपूर्व निर्णय लिए गए हैं. गृह मंत्री सूद ने स्पष्ट रूप से कहा कि दिल्ली सरकार इन हादसों में प्रभावित सभी परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है. मुख्यमंत्री स्वयं स्थिति की पल-पल की समीक्षा कर रही हैं. सरकार का उद्देश्य केवल तात्कालिक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि एक ऐसा फुल-प्रूफ सिस्टम बनाना है जिससे भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति को हमेशा के लिए रोका जा सके.
💼 एजेंसियों के बिखराव को खत्म करने के लिए DM को मिली सख्त कार्रवाई की ताकत: लापरवाह अफसरों के खिलाफ सीधे दर्ज होगी FIR
गृह मंत्री ने बताया कि दिल्ली में विभिन्न एजेंसियों और निकायों (MCD, DDA, Fire, Electricity, Police) के बीच प्रशासनिक अधिकारों के बिखराव के कारण अक्सर नियमों का कड़ाई से पालन नहीं हो पाता था और अधिकारी जिम्मेदारी से बचते थे. इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने जिला मजिस्ट्रेटों (DM) की शक्तियों को और सुदृढ़ करने का ऐतिहासिक फैसला किया है. अब संबंधित प्रशासनिक जिलों में कार्यरत किसी भी विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, उनके विरुद्ध सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने, FIR दर्ज कराने, उनका अवकाश स्वीकृत या निरस्त करने तथा अपने कर्तव्यों में विफल रहने वाले अफसरों के खिलाफ तत्काल कड़ा एक्शन लेने की व्यापक शक्तियां जिला प्रशासन (DM) के पास होंगी.
⛓️ दिल्ली में आपदा प्रबंधन अधिनियम (DDMA Act) लागू: नियमों की अवहेलना करने वाले मकान मालिकों को होगी 2 साल की जेल
दिल्ली सरकार ने राजधानी में आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 (DDMA Act) के कड़े प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है. इसके तहत सरकारी निर्देशों की अवहेलना करने वाले मकान मालिकों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों को कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 2 वर्ष तक के कड़े कारावास सहित भारी दंडात्मक वित्तीय जुर्माने को भुगतना होगा. इसके साथ ही, यदि किसी सरकारी अधिकारी की मिलीभगत, लापरवाही या भ्रष्ट आचरण के कारण कोई जनहानि या संपत्ति की क्षति होती है, तो वह अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा. ऐसे मामलों में केवल सामान्य सस्पेंशन नहीं, बल्कि दोषी अधिकारी के वेतन, पेंशन, सेवानिवृत्ति लाभों को रोकने और उनकी व्यक्तिगत संपत्ति को कुर्क कर नुकसान की वसूली तक की कठोरतम कार्रवाई की जाएगी.
🔍 संयुक्त जांच कमेटी (Joint Committee) बनाने का ऐलान: गेस्ट हाउस, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की होगी सघन चेकिंग
गृह मंत्री ने बताया कि नए सरकारी आदेश के तहत जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की संयुक्त जांच समितियां (Joint Committee) गठित कर दी गई हैं. इन विशेष टीमों में दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस, बिजली विभाग (DISCOMs), नगर निगम (MCD) और अन्य संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं. ये समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित सभी गेस्ट हाउस, होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सघन और औचक निरीक्षण करेंगी. जहां कहीं भी लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन या बिना अनुमति के अवैध संचालन पाया जाएगा, उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाएगा.
🏢 G+5 से अधिक के अवैध निर्माणों की होगी तत्काल समीक्षा: नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चलेगा प्रशासन का डंडा
आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली में स्वीकृत सीमा G+5 (भूतल + 5 मंजिल) से अधिक ऊंचे चल रहे सभी निर्माण कार्यों की तत्काल प्रभाव से समीक्षा की जाएगी. जहां भी अवैध निर्माण या स्वीकृत नक्शे का गंभीर उल्लंघन मिलेगा, उस इमारत को तुरंत सील कर ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी. गृह मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार, मिलीभगत और नियमों के उल्लंघन के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही है. किसी भी रसूखदार, रसूख वाले या गलत कार्य करने वाले व्यक्ति को कोई भी राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण नहीं दिया जाएगा. दिल्ली के नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इससे खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
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