Delhi Hotel Fire Action: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद MCD का महा-एक्शन; हौजखास, हौज रानी और साकेत में कई गेस्ट हाउस सील
दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर दिल्ली में ऐसे कितने ‘लाक्षागृह’ और अवैध निर्माण हैं, जो कभी भी आग के धधकते गोले में तब्दील होकर सैकड़ों निर्दोष जिंदगियों को लील सकते हैं? हालांकि, यह सवाल कोई नया नहीं है, लेकिन मालवीय नगर के एक गेस्ट हाउस में लगी भीषण आग के कारण 21 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासनिक अमला एक बार फिर गहरी नींद से जागा है. जवाब में शुक्रवार को दिल्ली के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में सीलिंग से लेकर बुलडोजर की ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई. इस महा-अभियान के तहत घिटोरनी, शकुंतला फॉर्म और मालवीय नगर के पास अवैध कॉलोनियों में बुलडोजर एक्शन हुआ, तो वहीं हौज रानी, हौजखास विलेज, सैनिक फार्म और साकेत के पास सैदुल्लाजाब समेत कई व्यापारिक इलाकों में संपत्तियों को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सील कर दिया गया.
🏨 महज 8 फीट चौड़ी गली में चल रहा था होम स्टे: ‘फ्लोरिश इन’ और ‘त्रीसीन’ समेत कई होटलों की कटी बिजली-पानी, संचालक फरार
कार्रवाई के दौरान मालवीय नगर में अग्निकांड वाले B&B (बेड एंड ब्रेकफास्ट) गेस्ट हाउस से महज 400 मीटर की दूरी पर स्थित हौज रानी इलाके में भारी अव्यवस्था देखने को मिली. यहाँ ‘फ्लोरिश इन’ गेस्ट हाउस को सबसे पहले खाली कराया गया, फिर बिजली और पानी का कनेक्शन काटकर उसे पूरी तरह सील कर दिया गया. इस दौरान देखा गया कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर इस गेस्ट हाउस में एक बड़ा बेसमेंट बनाया गया था, जहां कमर्शियल गतिविधियां चल रही थीं. कार्रवाई होते देख अंदर रह रहे लोग आनन-फानन में गैस सिलेंडर, बड़े-बड़े कूलर और बिजली के उपकरण बाहर निकालते नजर आए. इसके बाद अमले ने ‘क्राउन मून इन’ होम स्टे और ‘त्रीसीन’ होम स्टे को भी सील कर दिया. ‘त्रीसीन’ होम स्टे तो महज आठ फीट चौड़ी संकरी गली में बिना फायर एनओसी के चल रहा था, जहां दोनों तरफ दुकानें थीं और छज्जे आपस में टच थे. सीलिंग से बचने के लिए संचालक साइन बोर्ड हटाकर और मुख्य गेट पर ताला लगाकर फरार हो गए थे, लेकिन टीम ने हथौड़े से दरवाजा तोड़कर उसे सील कर दिया. अपनी नाइट लाइफ के लिए मशहूर हौजखास विलेज में भी कई अवैध पब और बिल्डिंगों पर हथौड़ा चला.
📊 जानिए किस इलाके में कितनी संपत्तियों पर चला सरकारी डंडा? एमसीडी ने जारी की आधिकारिक रिपोर्ट
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📍 साउथ जोन (South Zone): सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए यहां 12 अवैध संपत्तियों को ध्वस्त (Demolish) किया गया और 14 संपत्तियों को पूरी तरह सील किया गया.
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📍 सिविल लाइंस और नरेला जोन: सिविल लाइंस में 7 और नरेला जोन में 8 अवैध व्यावसायिक निर्माणों को मलबे में तब्दील कर दिया गया.
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📍 जॉइंट इंस्पेक्शन (MCD & Fire): हौज रानी, सैदुलाजाब और खिड़की एक्सटेंशन में भारी अनियमितताएं मिलीं. हौज रानी में नियमों का खुला उल्लंघन कर चलाए जा रहे 12 से ज्यादा B&B होटलों पर कार्रवाई हुई, जिनमें मुख्य रूप से ग्रीन रेजिडेंसी, स्काई इन, फ्लोरिश इन, वेन्यू इन और मिकासा इन को पूरी तरह सील कर दिया गया.
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📍 खिड़की एक्सटेंशन और सैदुलाजाब: खिड़की एक्सटेंशन में 1 बड़ी अवैध संपत्ति को ढहाया गया, जबकि सैदुलाजाब में 8 संपत्तियों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण की संयुक्त कार्रवाई की गई.
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📍 गौतम नगर (Gautam Nagar): कोचिंग हब माने जाने वाले इस क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध और बिना वेंटिलेशन के बेसमेंट में अवैध रूप से संचालित हो रहीं 3 बड़ी लाइब्रेरियों (Libraries) को सील कर दिया गया.
📜 महरौली डिवीजन में 10 और बिल्डिंगें सील: मास्टर प्लान-2021 और बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन करने पर 150 से ज्यादा नोटिस
दक्षिण दिल्ली के ऐतिहासिक महरौली डिवीजन में भी विशेष अभियान के तहत 10 बहुमंजिला बिल्डिंगें सील की गईं. इसके अलावा, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने पूरी दिल्ली में मास्टर प्लान और बिल्डिंग नियमों के गंभीर उल्लंघन तथा रिहायशी संपत्तियों के व्यावसायिक दुरुपयोग (Misuse) के मामलों में 150 से ज्यादा कानूनी नोटिस, कारण बताओ नोटिस और ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए हैं. एमसीडी के मुख्य भवन अधिकारी ने दिल्ली के नागरिकों और व्यापारियों से कड़ी अपील की है कि वे दिल्ली नगर निगम अधिनियम-1957, मास्टर प्लान-2021 और यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज-2016 के कड़े प्रावधानों का पूरी ईमानदारी से पालन करें. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मानव जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के खिलाफ यह सख्त दंडात्मक कार्रवाई आने वाले दिनों में भी बिना किसी राजनीतिक दबाव के निरंतर जारी रहेगी.
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