पत्थलगांव नगर पालिका के प्लेसमेंट कर्मचारियों ने किया काम बंद, ईपीएफ की राशि जमा नही कराने को लेकर किया हंगामा
# नगरपालिका में दबाव पूर्वक एवम अधिकारी व बड़े कर्मचारियों का समयपूर्ण भुगतान को लेकर प्लेसमेंट कर्मचारियों ने भेदभाव पूर्ण कार्य कराने का भी लगाया आरोप
# नगरपालिका पत्थलगांव एवं प्लेसमेंट ठेका का विवादों से है पुराना नाता
पत्थलगांव। नगर पालिका परिषद पत्थलगांव में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों ने ईपीएफ की राशि जमा नहीं किए जाने और लंबे समय से भुगतान संबंधी अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए मंगलवार सुबह हंगामा करते हुवे काम पर नही जाने की बात की और पालिका के सामने धरने पर बैठ गये। इन प्लेसमेंट कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था एवम अन्य महत्वपूर्ण विभागीय कार्य भी प्रभावित होने लगी है।
हड़ताल पर बैठे इन कर्मचारियों के अनुसार, नगर पालिका द्वारा प्लेसमेंट कर्मचारियों के वेतन का भुगतान न तो समय पर किया जाता है, और न ही उनके वेतन से काटी गई ईपीएफ की राशि पिछले कुछ वर्षों से नियमित संबंधित खाते में जमा नहीं किए जाने की शिकायत है।
कर्मचारियों का कहना है कि कभी समय पर वेतन नही मिलने से उन्हें अपना घर खर्च चलाने में काफी परेशानी हो रही है। कर्मचारियों की मांग है कि महीने की एक तारीख से पांच तारीख के बीच में उन्हें वेतन मिल जाना चाहिए। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाएगी तबतक वह हड़ताल जारी रखेंगे। वही इन प्लेसमेन्ट कर्मचारियों द्वारा नगर पालिका में अधिकारियों द्वारा दबाव पूर्वक एवम भेदभाव पूर्ण कार्य कराने का भी आरोप लगाया है।
उन्होंने आवेदन के जरिये बताया है कि हम नगर पालिका पत्थलगांव के समस्त प्लेसमेंट श्रमिको को वेतन भुगतान तो कर दिया गया है लेकिन पूर्व के वर्षों में प्लेसमेंट ठेकेदारो द्वारा प्लेसनेंट श्रमिकों का ठेका लिया गया था, किन्तु नगर पालिका पत्थलगांव के द्वारा श्रमिकों का वेतन भुगतान तो देर सबेर कर दिया गया, किन्तु श्रमिकों के मानदेय से कटौती की गई ई.पी.एफ. की राशि कुछ-कुछ महीनों का जमा नहीं किया गया है। जब ई.पी.एफ. की राशि के संबंध में सी एम ओ से कई बार बोला गया, किन्तु इनके द्वारा आज दिनांक तक भुगतान नहीं किया गया। जिसके चलते बाध्य होकर हम सभी प्लेसमेंट कर्मचारी हडताल करने को मजबूर हैं। जब तक हमारी ई.पी.एफ. की राशि हमारे खाते में भुगतान नहीं किया जाता है। तब तक हम काम नहीं करेंगे साथ ही भुगतान न होने पर बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।