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Bilaspur High Court PIL News: टॉयलेट में बर्तन धोने को मजबूर मरीज! कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट पर चीफ जस्टिस की सख्त टिप्पणी

बिलासपुर। जिला अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने कड़ी नाराजगी जताई है। जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान कोर्ट द्वारा नियुक्त कमिश्नर पलाश तिवारी की विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की गई। रिपोर्ट में अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं, साफ-सफाई और रखरखाव से जुड़ी कई गंभीर कमियां उजागर हुई हैं। इस पर चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने राज्य शासन से सवाल किया कि इन अव्यवस्थाओं को आखिर कब तक दुरुस्त किया जाएगा। कोर्ट ने रिपोर्ट को बेहद गंभीरता से लेते हुए शासन को कमियों को दूर करने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।

🏥 दीवारों में सीपेज और इमरजेंसी के पीछे कचरे का ढेर: निरीक्षण रिपोर्ट में खुली पोल

कोर्ट के निर्देश पर कोर्ट कमिश्नर ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था।

रिपोर्ट के अनुसार, लैब में आवश्यक रीएजेंट और उपकरण उपलब्ध हैं तथा एचएलएल कंपनी के साथ टाई-अप के बाद नई आधुनिक मशीनें भी लगाई गई हैं। लेकिन इसके विपरीत, पुराने अस्पताल भवन और मातृ-शिशु अस्पताल (MCH) की दीवारों में भारी सीपेज पाया गया। इतना ही नहीं, आपातकालीन (Emergency) वार्ड के पीछे जलजमाव था और इस्तेमाल की गई सिरिंज व बायोमेडिकल कचरा खुले में पड़ा हुआ मिला।

🚿 टॉयलेट में बर्तन धोने को मजबूर मरीजों के परिजन: एसी-एग्जॉस्ट बंद और पसरी मिली दुर्गंध

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अधिकांश एसी और एग्जॉस्ट फैन बंद या खराब स्थिति में पाए गए।

मातृ-शिशु अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों के दो महत्वपूर्ण पद रिक्त मिले। अस्पताल में मरीजों के परिजनों के लिए बर्तन धोने या हाथ-मुंह धोने की कोई पृथक व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण वे शौचालय का इस्तेमाल करने को मजबूर थे। शौचालयों में भारी गंदगी और असहनीय दुर्गंध की स्थिति भी रिपोर्ट में दर्ज की गई है।

♿ दिव्यांगों के लिए रैंप की कमी और एंबुलेंस मार्ग में गाड़ियां: सुरक्षा पर उठे सवाल

अस्पताल परिसर में दिव्यांग मरीजों की सुविधा के लिए व्हीलचेयर हेतु समुचित रैंप या ढलान की व्यवस्था नहीं पाई गई।

एंबुलेंस के आवागमन वाले मुख्य मार्ग और पिछले गेट के ठीक सामने डॉक्टरों व अस्पताल स्टाफ की गाड़ियां पार्क मिलीं, जिससे एंबुलेंस का रास्ता बाधित हो रहा था। निरीक्षण के तुरंत बाद सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश जारी किए गए।

🏛️ तखतपुर सीएचसी स्थानांतरण का मुद्दा भी उठा: कोर्ट ने सुधारों पर दिया जोर

इसी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का मामला भी सामने आया।

स्थानांतरण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पाया कि प्रस्तावित नई जगह पर वर्तमान स्थान की तुलना में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस आधार पर अदालत ने फिलहाल स्थानांतरण पर कोई आपत्ति स्वीकार नहीं की। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिला अस्पताल की रिपोर्ट में सामने आई कमियों को केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि शासन जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाकर व्यवस्थाओं में जल्द सुधार करे।

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