Damoh Dog Bite News: दमोह में पागल कुत्तों का आतंक, एक ही वार्ड में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को बनाया शिकार
दमोह। शहर के साथ-साथ पूरे जिले में आवारा और पागल कुत्ते आम नागरिकों के लिए गंभीर सिरदर्द बनते जा रहे हैं। दमोह शहर में लगातार सामने आ रहे डॉग बाइट (Dog Bite) के मामलों ने लोगों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि पिछले तीन दिनों के भीतर शहर के केवल एक ही वार्ड में पागल कुत्ते ने डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को अपना शिकार बना लिया है, जिसमें एक ही परिवार के दो से तीन सदस्य तक शामिल हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद नगरपालिका प्रशासन आंखें मूंदकर बैठा है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
🏫 बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना हुआ मुहाल, जिला अस्पताल में उमड़ रही है भारी भीड़
पीड़ितों ने बताया कि असाटी वार्ड और पुराना थाना क्षेत्र में आवारा कुत्ते झुंड बनाकर घूम रहे हैं और रास्तों से गुजरने वाले बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों पर अचानक हमला कर रहे हैं। इस क्षेत्र में कई कोचिंग संस्थान भी हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक खासे चिंतित हैं। हालात यह हैं कि जिलेभर के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों से एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन के लिए लोग सीधे जिला अस्पताल दौड़ने को मजबूर हैं। प्रभारी नर्स सीमा गुप्ता के अनुसार, अस्पताल में प्रतिदिन 60 से 70 और कई बार 100 तक डॉग बाइट के मरीज पहुंच रहे हैं, जिससे चिकित्सा व्यवस्था पर भी भारी दबाव बढ़ गया है।
💰 टेंडर और बजट के नाम पर सिर्फ टालमटोल, जनता की सुरक्षा पर भारी पड़ रही प्रशासनिक सुस्ती
हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर समस्या के बावजूद नगरपालिका के अधिकारी केवल कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनके टीकाकरण के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया चलाई जा रही है, लेकिन धरातल पर कोई टीम सक्रिय नजर नहीं आ रही है। पिछले दो वर्षों में केवल एक बार औपचारिक अनुबंध होने की बात सामने आई है। शहरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से विशेष डॉग कैचर दल गठित कर इन खतरनाक कुत्तों को पकड़ा जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.