Chhattisgarh Weather Alert: चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर, बालोद और दंतेवाड़ा में भारी बारिश का अलर्ट; कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द और स्कूल बंद
बालोद/दंतेवाड़ा: बंगाल की खाड़ी में तेजी से सक्रिय हुए शक्तिशाली चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित और गंभीर प्रभावों के चलते छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल आशंका जताई गई है। इस संभावित प्राकृतिक आपदा को ध्यान में रखते हुए बालोद और दंतेवाड़ा जिले के प्रशासनिक अमले को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
बालोद में चक्रवाती तूफान का अलर्ट, अधिकारियों और कर्मचारियों के सभी अवकाश रद्द
बालोद जिला प्रशासन ने संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह कमर कस ली है। मौसम विभाग की ओर से आगामी 27 से 29 अक्टूबर तक जिले में भारी से अति भारी वर्षा होने तथा तेज रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने मैदानी स्तर पर सुरक्षा के सभी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के कड़े आदेश दिए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने और राहत एवं बचाव कार्यों में अमले की शत-प्रतिशत मौजूदगी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के तमाम अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियों पर 27 से 30 अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस समयावधि के दौरान बिना कलेक्टर की पूर्व अनुमति के कोई भी कर्मचारी अपना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा।
संवेदनशील 61 गांवों पर विशेष निगरानी, राशन और रसोइयों का अग्रिम भंडारण
बालोद जिले के भीतर पूर्व के वर्षों में बाढ़ तथा भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे कुल 61 गांवों को संवेदनशील क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। स्थानीय कोटवारों के माध्यम से इन इलाकों में लगातार मुनादी करवाकर ग्रामीणों को पूरी तरह सतर्क और सुरक्षित रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं। कलेक्टर ने गुरूर, गुंडरदेही और बालोद विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सभी डुबान क्षेत्रों में कड़ी नजर रखने को कहा है। जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा होने पर तुरंत ग्रामीणों और उनके पशुधन को सुरक्षित आश्रय स्थलों पर शिफ्ट करने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, किसी भी आपात आपदा से निपटने के लिए संवेदनशील ग्राम पंचायतों में 50 किलोग्राम से एक क्विंटल तक चावल का भंडारण और भोजन पकाने के वास्ते रसोइयों का प्रबंध पहले से ही सुनिश्चित कर लिया गया है।
24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम और सामान्य सभा की बैठक स्थगित
आपदा प्रबंधन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर चौबीस घंटे सक्रिय रहने वाला एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका संपर्क नंबर 07749223950 है। नागरिकों को त्वरित सहायता पहुंचाने के मकसद से पूरे जिले में डायल 112 के 12 वाहनों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों की फील्ड ड्यूटी की अनिवार्यता को देखते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कुमार चंद्रवंशी ने आगामी 27 अक्टूबर को प्रस्तावित सामान्य सभा की बैठक को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में नदी-नालों, रपटों और जर्जर इमारतों के नजदीक न जाएं तथा मौसम संबंधी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
दंतेवाड़ा में खराब मौसम के चलते 27 अक्टूबर को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
संभावित चक्रवाती तूफान के प्रभाव से दंतेवाड़ा जिले में भी मौसम के बेहद खराब रहने, तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की आशंका है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने 27 अक्टूबर को जिले के भीतर संचालित होने वाले सभी सरकारी तथा निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी एक दिवसीय अवकाश घोषित कर दिया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों की सुरक्षा और पालकों को सूचना देने के निर्देश
महिला एवं बाल विकास विभाग की गाइडलाइन के मुताबिक दंतेवाड़ा के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी 27 अक्टूबर को पूरी तरह बंद रहे। संबंधित परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को इस दौरान पुख्ता एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे। आंगनबाड़ी केंद्रों के भीतर मौजूद खाद्य सामग्री, जरूरी शासकीय दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण सामग्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के साथ ही कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को निर्देश दिए गए थे कि वे बच्चों के पालकों और अभिभावकों तक अवकाश की सूचना समय पर पहुंचा दें।
प्रशासन की आम नागरिकों से सतर्क रहने की पुरजोर अपील
दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों, स्कूलों के प्राचार्यों, प्रधानाध्यापकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मौसम विभाग की चेतावनियों के अनुरूप मुस्तैद रहने और सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही, प्रशासन ने क्षेत्र के सभी नागरिकों से यह अपील की है कि वे खराब मौसम के इस दौर में पूरी तरह सतर्क रहें, बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर निकलने से बचें और जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.