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Faggan Singh Kulaste Statement: फग्गन सिंह कुलस्ते का दिग्विजय सिंह पर तंज, बोले— ‘विकास की बात मत करो, ट्रांसफर की लिस्ट दे दो’

सिवनी: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते अपने बयानों और बेबाक अंदाज के कारण अक्सर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बने रहते हैं। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के अंतर्गत आने वाले घंसौर क्षेत्र में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुराने शासनकाल से जुड़े कई दिलचस्प और मजेदार संस्मरण साझा किए। इसके साथ ही उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की सरकारों के कार्यकालों की कार्यशैली की तुलना करते हुए दोनों दलों के विकास कार्यों में अंतर को जनता के सामने रखा।

‘विकास की बात मत करिए, ट्रांसफर की सूची दे दीजिए’: दिग्विजय सिंह के कार्यकाल को याद कर सांसद कुलस्ते ने कही यह बात

सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के उस दौर को याद करते हुए जनता को बताया कि जब वे अपने क्षेत्र के विकास कार्यों से संबंधित मांगों को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से मिलने जाया करते थे, तो वे बड़े आत्मीय और प्रेम से मिलते थे। जब भी वे क्षेत्रीय विकास के लिए कोई प्रस्ताव उनके सामने रखते थे, तो दिग्विजय सिंह बड़े ही सहज भाव से कहते थे कि “कुलस्ते जी, आप यहां काम-धंधे और विकास की बातें मत किया करिए, क्योंकि वर्तमान में सरकार के पास बुनियादी कार्यों के लिए कोई धन राशि या पैसा नहीं है। हां, यदि आपको अपने क्षेत्र में दो-चार तबादले (ट्रांसफर) करवाने हैं, तो आप उसकी एक सूची मुझे बनाकर दे दीजिए, आपका वह काम तुरंत हो जाएगा।”

सड़क, स्कूल और छात्रावास बनवाना था असंभव, सांसद बोले— उस दौर में सरकार के पास विकास कार्यों के लिए एक धेला भी नहीं था

कार्यक्रम में मौजूद जनता को संबोधित करते हुए फग्गन सिंह कुलस्ते ने श्रोताओं से मुखातिब होते हुए कहा कि “आप सभी दिग्विजय सिंह को भली-भांति जानते ही होंगे, जिन्हें उस समय कांग्रेस पार्टी का चाणक्य माना जाता था।” उन्होंने आगे कहा कि उनके 10 साल के शासनकाल के दौरान ग्रामीण और शहरी इलाकों में एक नई सड़क तक का निर्माण करवाना पूरी तरह असंभव था। जब भी जनता के प्रतिनिधि क्षेत्र में सड़क, नए छात्रावास या विद्यालयों जैसे आवश्यक विकास कार्यों की मांग लेकर उनके समक्ष जाते थे, तो उनका एक ही रटा-रटाया जवाब होता था कि “हमारे पास सरकार में खर्च करने के लिए एक धेला भी नहीं है, आप विकास कार्यों को छोड़कर किसी अन्य विषय पर बात कर सकते हैं।”

वर्ष 2003 के बाद बदली मध्य प्रदेश की तस्वीर, कांग्रेस शासनकाल ने प्रदेश को बना दिया था बीमारू राज्य

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि मध्य प्रदेश की जनता ने वर्ष 2003 में राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार चुनने का ऐतिहासिक फैसला लिया, जिसके बाद से प्रदेश के विकास की सूरत और सीरत दोनों बदलने लगीं। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह के उस लंबे कार्यकाल में नई सड़कों का निर्माण होना तो बहुत दूर की बात थी, मौजूदा सड़कों की मरम्मत तक नहीं कराई जाती थी। बिजली व्यवस्था का हाल यह था कि शहरी क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रहती थी, जबकि गांवों में यदि कभी गलती से बिजली आ जाती थी, तो ग्रामीण हैरान रह जाते थे। फग्गन सिंह कुलस्ते ने तीखा प्रहार करते हुए अंत में कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अपने 10 वर्षों के शासनकाल में मध्य प्रदेश को आर्थिक और ढांचागत रूप से एक ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी में धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

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