आस्था के आंगन में नारी शक्ति का उदय: किलकिला धाम में भव्य राम जन्मोत्सव की तैयारियों में जुटा बंजारा समाज

कोतबा:-आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का अनूठा संगम इन दिनों जशपुर-रायगढ़ जिले के सीमावर्ती क्षेत्र किलकिला धाम में देखने को मिल रहा है। यहाँ स्थित भव्य श्री राम जानकी मंदिर (श्री तुधेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण) में बंजारा (नायक) समाज द्वारा ‘श्री राम जन्मोत्सव’ का आयोजन बेहद धूमधाम से किया जा रहा है। इस वर्ष का आयोजन विशेष चर्चा में है, क्योंकि समाज ने अपनी रूढ़िवादी परंपराओं से इतर महिलाओं को संगठन में प्रमुख जिम्मेदारी सौंपकर एक नई मिसाल पेश की है।
सामाजिक समरसता और महिला नेतृत्व का उदय
यह पहली बार है जब बंजारा समाज के संगठन ने महिलाओं को प्रमुख पदों पर आसीन किया है। जिम्मेदारी मिलते ही महिलाओं की सक्रियता देखते ही बन रही है। श्रीमती सावित्री बंजारा (तिलड़ेगा), श्रीमती प्रेमशीला श्याम बंजारा (मेंडेर), श्रीमती जयश्री नंदकुमार बंजारा (कोतबा) और श्रीमती ममता धरम बंजारा (कोतबा) जैसी महिला नेत्रियां घर-घर जाकर न केवल निमंत्रण दी हैं, बल्कि समाज को एकजुट करने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।
श्री श्री 1008 कपिल दास बाबा के सानिध्य में आयोजित इस दो दिवसीय महापर्व का कार्यक्रम इस प्रकार है:
26 मार्च 2026 (गुरुवार): दोपहर 4 बजे से भव्य कलश यात्रा, स्थापना एवं अखंड दीप प्रज्वलन। शाम को सामाजिक मातृ-शक्तियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति और स्थानीय रामायण प्रेमियों द्वारा रात्रि जागरण।
27 मार्च 2026 (शुक्रवार): चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी के पावन अवसर पर श्री राम जन्मोत्सव, हवन, पूर्णाहुति और विशाल भंडारा का आयोजन।
*किलकिला धाम: बंजारा समाज की आस्था का केंद्र..*
आपको बता दें कि किलकिला धाम में बना यह श्री राम जानकी मंदिर पूर्णतः बंजारा समाज के सामूहिक सहयोग से निर्मित है। यह स्थान न केवल धार्मिक पूजन बल्कि सामाजिक बैठकों और मांगलिक कार्यों का भी मुख्य केंद्र है।
समाज के अध्यक्ष और पदाधिकारियों ने निवेदन किया है कि प्रत्येक टांड (बस्ती) के हर घर से कम से कम एक सदस्य इस पुण्य कार्य में अनिवार्य रूप से सम्मिलित हो। रामनवमी में श्रद्धा पूर्वक आने का आग्रह किया गया है।
इस आयोजन से न केवल बंजारा समाज की सांस्कृतिक सभ्यता जीवंत हो रही है, बल्कि “नारी शक्ति” के समावेश से समाज में एक सकारात्मक संदेश भी जा रहा है। गुरुवार से ही दोनों जिलों के श्रद्धालुओं का तांता किलकिला धाम में लगना शुरू हो गया है।


