Dhanbad Crime News: कतरास में पुरोहित मुन्ना पांडेय की निर्मम हत्या, घर के अंदर मिला शव; इलाके में फैली सनसनी
धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र से एक बेहद दहला देने वाली और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ आमटांड़ स्थित एक आवासीय मकान के भीतर से एक पुरोहित का संदिग्ध अवस्था में शव बरामद किया गया है, जिनकी पहचान मुन्ना पांडेय (उम्र करीब 50 से 55 वर्ष) के रूप में हुई है। इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल व्याप्त है।
गला घोंटने और चाकू से गोदकर हत्या किए जाने की आशंका, पुलिस और एसडीपीओ ने किया घटनास्थल का मुआयना
मामले की शुरुआती और प्राथमिक जांच-पड़ताल में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि पुरोहित की हत्या बेहद बेरहमी से उनका गला घोंटकर और शरीर पर तेजधार चाकू से ताबड़तोड़ वार करके की गई है। घटना की भनक लगते ही कतरास थाना की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी। इस जघन्य हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए बाघमारा के एसडीपीओ अजित कुमार विमल ने भी स्वयं घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया।
अकेले रहते थे मृतक मुन्ना पांडेय, लिलोरी स्थान में कराते थे पूजा-पाठ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मुन्ना पांडेय प्रसिद्ध लिलोरी स्थान क्षेत्र में रहकर पुरोहित और पूजा-पाठ का कार्य किया करते थे, तथा आमटांड़ स्थित अपने घर में वे अकेले ही निवास कर रहे थे। घर के अंदर इस तरह मृत अवस्था में उनका शव मिलने के बाद हत्या की आशंका पूरी तरह पुख्ता हो गई है। प्रारंभिक मुआयने के दौरान उनके गले पर कसने के निशान और शरीर पर चाकू के हमलों के गहरे जख्म साफ तौर पर दिखाई दिए हैं। हालांकि, इस खौफनाक वारदात को अंजाम किसने दिया और इसके पीछे रंजिश या लूटपाट जैसी क्या ठोस वजह रही, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है।
परिजनों को दी गई सूचना, पुलिस जल्द खुलासे का कर रही है दावा
घटना की विधिवत जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसकी सूचना दे दी गई है। स्थानीय पुलिस हत्या से जुड़े तमाम तकनीकी और संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक साक्ष्यों के संकलन और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस पूरे हत्याकांड की असल वजह से पर्दा उठ सकेगा। पुलिस हरसंभव एंगल से तफ्तीश कर रही है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके।
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