Palamau News: चक्रवात अर्नब का खतरा! पिछले 30 साल में पहली बार पलामू में तैनात हुई NDRF की टीम, 4 जिलों में संभालेगी मोर्चा
पलामू: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित खतरे और विकराल रूप को देखते हुए झारखंड के पलामू जिले में सुरक्षा और बचाव के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इतिहास में पिछले 30 वर्षों के दौरान यह पहला ऐसा अवसर है जब पलामू क्षेत्र में किसी आपदा से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ (NDRF) की विशेष टीम को मैदान में उतारा गया है। इस चक्रवाती तूफान के असर को भांपते हुए पूरे राज्य के चुनिंदा संवेदनशील इलाकों जैसे पलामू, देवघर, रांची और जमशेदपुर में एनडीआरएफ की टीमों की तैनाती की गई है। इसी क्रम में पलामू जिले के भीतर राहत और बचाव कार्यों की कमान संभालने के लिए 30 सदस्यीय प्रशिक्षित टीम को पूरी तरह मुस्तैद किया गया है।
विपरीत परिस्थितियों में पलामू के साथ-साथ गढ़वा, लातेहार और लोहरदगा जिलों में भी राहत पहुंचाएगी टीम
प्रशासनिक रूप से यह विशेष एनडीआरएफ टीम आपदा के किसी भी आपात समय में केवल पलामू तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर पलामू संभाग के गढ़वा और लातेहार के साथ-साथ पड़ोसी जिले लोहरदगा में भी तेजी से मूव करेगी और संकट में फंसे लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करेगी। पलामू में तैनात इस 30 सदस्यीय एनडीआरएफ दल का नेतृत्व इंस्पेक्टर दिनेश अवस्थी द्वारा किया जा रहा है, जबकि सब इंस्पेक्टर संदीप इस पूरी टुकड़ी में सेकंड-इन-कमांड की भूमिका निभा रहे हैं।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक उपकरणों से लैस है टीम, फ्लड रेस्क्यू से लेकर मार्ग साफ करने में है माहिर
इंस्पेक्टर दिनेश अवस्थी ने मीडिया से बातचीत करते हुए जानकारी दी कि चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इस टीम की तैनाती 30 अक्टूबर तक के लिए सुनिश्चित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा के वक्त मौके पर पहले से टीम की मौजूदगी होने का सबसे बड़ा फायदा यह मिलता है कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अनहोनी होने पर पीड़ित तक कम से कम समय में मदद पहुंचाई जा सकती है। चक्रवात के दौरान होने वाले भारी नुकसान और उससे जुड़ी हर चुनौती से निपटने के लिए टीम आधुनिक और अत्याधुनिक उपकरणों के साथ पूरी तरह तैयार है। सूचना मिलते ही यह दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचेगा और फ्लड वॉटर रेस्क्यू (बाढ़ राहत बचाव), चक्रवाती हवाओं से किसी भवन के गिरने की स्थिति में राहत कार्य, या फिर तेज आंधी से टूटे पेड़ों व मलबे के कारण ब्लॉक हुए रास्तों को तुरंत खुलवाने जैसे कार्य को अंजाम देगा।
पलामू में जारी किया गया है ऑरेंज अलर्ट, जिला प्रशासन ने नागरिकों से की पूरी सावधानी बरतने की अपील
चक्रवात के इस संभावित खतरे को देखते हुए पलामू जिले में मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। गुरुवार को दोपहर 1:00 बजे के बाद से ही पलामू के मौसम में अचानक बदलाव देखा गया और इलाके में तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने भी आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी और अपील जारी की है। जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. असीम कुमार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम किसी भी विकट परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे पूरी तरह सतर्क और सुरक्षित रहें।
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